18 मार्च 2011

पाठकों पर अत्याचार ना करें ब्लोगर

एक पाठक की तरफ से आप सभी ब्लोगरों को मेरा प्रणाम,
प्रिय ब्लॉगर

मैं एक पाठक हूँ, मैं पढ़ना चाहता हूँ अच्छे लेख पढ़ना चाहता हूँ, आज से १०-१२ साल पहले में अखबार, पत्रिकाएं पढ़ा करता था पर आज इंटरनेट ने मुझे पढ़ने की इतनी सामग्री दी है कि मन प्रसन्न हो जाता है| मैं अपना पूरा दिन सिर्फ पढ़ने में व्यतीत करता हूँ सब कुछ पढता हूँ कुछ छोड़ता नहीं, मैं पढ़ने में इतना व्यस्त रहता हूँ कि कभी भी टिप्पणी नहीं कर पाता मुझे लगता है कि टिप्पणी करूँगा उतनी देर में एक लेख और पढ़ लूँगा, इसके लिए आप सभी से क्षमा चाहूँगा पर मुझे लगता है कि आप मेरे जैसे पाठकों के लिए ही लिखते हैं तो यकीन मानिए कि मैं भी आपको सर आँखों पर बिठा कर रखता हूँ मेरे टिप्पणी ना करने को मेरी मजबूरी मानिये और क्षमा कीजिये |

मुझे आप सभी ब्लोगरों से एक शिकायत है वही लेकर उपस्थित हुआ हूँ, उम्मीद है आप मेरी शिकायत दूर करेंगे| मैं हमेशा पढता रहता हूँ सभी लोग मेरे इस पढ़ने की प्रवृत्ति के कायल हैं मेरी पत्नी भी, पर आप लोगों की वजह से मुझे उसके सामने शर्मिंदा होना पड़ा जानते हैं कैसे, बताता हूँ -

होली के दिन चल रहे हैं और मेरी पत्नी कुछ खास बनाना चाहती है उसकी सास यानी मेरी माँ ने उसे कुछ खास बनाने के लिए कहा है, पर उसे कुछ नया बनाना नहीं आता पाक-कला में निपुण है पर जितने भी पकवान बनाना वह जानती है सभी बना चुकी है नया क्या बनाये यह सोच कर वह परेशान थी, उसने हमसफ़र होने के नाते मुझे अपनी इस परेशानी के बारे में बताया तो मैंने कहा यह तो बच्चों वाली समस्या है अभी समाधान कर देते हैं आखिर मेरे पढ़ना कब काम आएगा? मैंने तुरंत ब्लॉग पर सर्च किया "खाना-खजाना" पर अफ़सोस सिर्फ कुछ ही ब्लॉग मेरे सामने आये इतने बर्षों में पढते-पढते मैंने ना जाने कितने ही अच्छे पकवानों के बारे में पढ़ा था जो कि हमारी ब्लॉगर बहनों ने लिखे थे पर वो सभी सर्च में नहीं थे, मुझे लगा जैसे कोई खजाना मेरे हाथ से चला गया है | मैंने तुरंत "हमारी वाणी", "ब्लोगप्रहरी", "अपना ब्लॉग" पर रुख किया संयोग से "अपना ब्लॉग" पर "जीवन शैली -> खान-पान" मिला पर उस पर क्लिक करते ही जैसे मेरे ऊपर बिजली गिरी, कुछ नहीं था वहाँ पर सिर्फ एक लेख था और वह मेरे काम का नहीं, मेरी पत्नी मेरी पढ़ने की प्रवृत्ति को ताना देती हुई चली गयी और मैं मुंह लटका कर बैठा हूँ, शांत, अपमानित, खुद को कोसता हुआ, ब्लॉगरों पर गुस्सा बहुत आ रहा है पर आप हैं तभी मैं हूँ, आप से ही मेरा अस्तित्व है सो खुल कर आप पर गुस्सा नहीं निकाल सकता, इसलिए एक छोटी से बात आप सभी ब्लोगरों को बताना चाहता हूँ

आप इनता बड़ा ब्लॉग लिखते हैं क्या उसमे छोटा सा सही टैग नहीं लिख सकते ? आखिर हमारी बहनों ने इतने अच्छे पकवानों को बनाने की विधि सिर्फ उन ब्लोगरों के लिए लिखी थी जो उस लेख पर कमेन्ट तो देंगे पर वह पकवान बना कर नहीं देखेंगे ? मेरे जैसे सच्चे पाठकों के लिए आप कुछ नहीं लिखते ? आखिर पढता तो सिर्फ मैं ही हूँ कितने टिप्पणीकारों ने आपके लेख को ठीक से पढ़ा होगा ? आज मुझे जरूरत है तो वही लेख मुझे नहीं मिल रहे आप लोगो की लापरवाही के कारण |

मेरे ज्ञान चक्षु खुल चुके हैं, अब मैं आप लोगों के भरोसे नहीं रहने वाला आप मेरे लिए लिखते ही नहीं तो मैं क्यूँ आप के लिखे को पढूं ? अपनी वेइज्जती करवाने के लिए ? क्या बिगड जाता आप लोगों का जो सही टैग (लेबल) लगा देते अपने लेखों को तो ?

फिर मैंने देखा कि जीवन-शैली -> त्यौहार में क्या सभी त्यौहारों के लेख आ रहे हैं? वहाँ भी नहीं थे इक्का दुक्का लेखों को छोड़ कर, पिछले ६-७ दिनों से मैंने होली के कितने लेख पढ़े पर वो सब खो गए एक भी नहीं है सही जगह |  जीवनशैली -> चर्चा में भी कुछ नहीं था, जबकि इतनी चर्चा "ब्लॉग-वार्ता" और ना जाने क्या क्या चलता ही रहता है |
कविता, आहाहा मैं कितनी अच्छी कविताये रोज पढता हूँ, पर जब मनोरंजन -> कविता में गया तो वहाँ बहुत कम कवितायेँ थीं सिर्फ कुछ ही अच्छे लेखक मेरा ध्यान रख रहे हैं उनमे एक रविरतलामी जी प्रमुख हैं मैंने देखा कि उन्होंने अपने ब्लॉग पर टैग के बारे में काफी कुछ लिखा है और अपने सभी लेखों में सही टैग का प्रयोग कर रहे हैं, पर अफ़सोस कि वो व्यंजन के बारे में नहीं लिखते :(

आप सभी को मेरा अपमान कराने के लिए शुक्रिया!! जो शादी के इतने साल तक नहीं हुआ वह आज हो गया,

फिर भी मैं आपका सम्मान करता हूँ , आप की लेखकों की वजह से ही पाठकों का वजूद है पर पाठकों पर अत्याचार करना बंद कीजिये और अपने लेखों में सही टैग का प्रयोग कीजिये, कुछ टैग मैं आपको यहाँ दे रहा हूँ जो "अपना ब्लॉग" ने उपलब्ध कराये हैं और हो सकता है भविष्य में "हमारी वाणी" तथा "ब्लोगप्रहरी" भी इनका उपयोग करने लगे

खेल के अंतर्गत -
जीवन शैली के अंतर्गत - समाज, रिश्ते, आध्यात्मिक, व्यक्ति, खान-पान, पार्टी, फैशन, सुंदरता, स्वास्थ्य, चर्चा, त्यौहार
मनोरंजन के अंतर्गत- हॉलीवुड, टेलीविजन, फिल्म समीक्षा, फ़िल्मी गीत, रंगमंच, गीत, गजल, शायरी, कविता, कहानी, कार्टून, हास्य, पहेली
तकनीकी के अंतर्गत - गैजेट, टिप्स/ट्रिक्स, सोशल नेटवर्क
विज्ञान -
विधि/न्याय -
समाचार -
व्यापार -

प्लीज प्लीज प्लीज आगे से सही टैग का प्रयोग कीजिये, मान लीजिए कि आपने होली के किसी खास पकवान के बारे में एक लेख लिखा है तो उस लेख में "त्यौहार, होली, पकवान, व्यंजन, खाल-पान, हिंदू-त्यौहार"  इन टैग का प्रयोग कीजिए यकीन मानिए मेरे जैसे सच्चे पाठकों को इससे बहुत फायदा होगा और आपको दुआएं मिलेंगीं

गुस्से मैं यदि कुछ ज्यादा कह दिया तो क्षमा प्रार्थी हूँ

आपका पाठक

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