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18 अप्रैल 2011

आपके ब्लॉग के लिए गूगल एनालिटिक्स

नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स को जोड़ सकते हैं|

गूगल एनालिटिक्स को अपने ब्लॉग में जोड़ने के फायदे-
  1. गूगल एनालिटिक्स आपको आपके ब्लॉग से सम्बंधित सबसे ज्यादा और सटीक आंकड़े दिखाता है,
  2. किस देश, राज्य, तथा शहर से कितने लोगों ने आपके ब्लॉग को देखा, कहाँ से वो आपके ब्लॉग पर आये,
  3. किन लेखों को पढ़ा गया, किन लेखों को पढ़ कर लोग आपके ब्लॉग से चले गए,
  4. किस साइज की स्क्रीन से, किस तरह की डिवाइस से आपके ब्लॉग को पढ़ा गया,
  5. आपके ब्लॉग के किस लिंक पर कितने क्लिक किये गए,
  6. किस कीवर्ड को सर्च करने पर लोग आपके ब्लॉग पर आये - इत्यादि 
इतने आंकड़े आपके सामने आते हैं कि सभी को यहाँ पर लिखा नहीं जा सकता, पूरी किताब लिखनी पड़ेगी|

उम्मीद है आपको गूगल एनालिटिक्स का महत्त्व समझ में आ गया होगा और आप भी अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स जोड़ना चाहेंगे, तो आपकी सुविधा के लिए मैं वीडियो पेश कर रहा हूँ, देखिये और अपने ब्लॉग से गूगल एनालिटिक्स जोड़ दीजिए |


इस वीडियो से सम्बंधित लिंक:
http://www.google.com/analytics/

पिछले वीडियो में आपने सीखा था कि कैसे आप अपने ब्लॉग को गूगल में सम्मिलित करवा सकते हैं,
अगले वीडियो में देखें कि कैसे आप अपने लेख में आवश्यक लिंक बना सकते हैं -

मेरे सभी वीडियो के बारे में तुरंत जानकारी के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें - धन्यवाद |

14 अप्रैल 2011

अपना ब्लॉग का नया रूप

आपको अपार हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि "अपना ब्लॉग" में एक छोटा सा प्रयोग किया गया है और उसको एक नये रूप में लाने के बारे में विचार किया जा रहा है, यदि आपको यह नया रूप पसंद आया हो तो कृपया अपनी राय रखें जिससे कि यह बदलाब लागू किया जा सके |

क्या मकसद है इस बदलाब के पीछे- अभी तक जितने भी ब्लॉग एग्रीगेटर आये हैं उन सभी में एक चीज सामान रही है, पोस्टों को पहले पन्ने पर समयानुसार दिखाना और जैसे जैसे नये पोस्ट आते जाएँ इनको अगले पन्नों पर पहुंचा देना, "अपना ब्लॉग" भी इसी तरीके को अपना रहा है|

इस तरीके में समस्या यह होती है कि अधिकतम 30 पोस्ट ही पहले पन्ने पर दिखाई जा सकतीं हैं, उसके बाद इन पोस्टों को आगे भेजना ही होता है जिससे उनके पढ़े जाने की संख्या कम हो जाती है | इस समय "अपना ब्लॉग" पर औसतन 177 पोस्ट प्रतिदिन आतीं हैं और एक पोस्ट पहले पन्ने पर अधिकतम 1 घंटे 30 मिनट ही रह पाती है, जो आने वाले समय में घटती ही जायेगी|

इस नये रूप में पोस्ट को औसतन 5 घंटे (और कुछ स्थितियों में उससे भी ज्यादा) पहले पन्ने पर रहने का मौका मिलेगा जिससे उनके पढ़े जाने की संभावना लगभग 3 गुना बढ़ जायेगी, यह रूप विभिन्न न्यूज बेवसाईट से प्रभावित है, आंकड़े बताते हैं कि इस प्रकार पेज बनाने पर लेख पढ़े जाने की संख्या काफी बढ़ जाती है|
अपना ब्लॉग का नया रूप

इस नये रूप पर आप अपना ब्लॉग के मेनू में "news_alike" आइटम पर क्लिक करके जा सकते हैं |

 यदि आपको यह पेज अच्छा तथा सुविधाजनक लगा है तो अन्य पेज भी इसी प्रकार से बदल दिए जायेंगे, मनोरंजन, विज्ञान, व्यापार, विधि/न्याय, तकनीकी तथा खेल के पेज भी इसी प्रकार से बदल दिए जायेंगे जिससे आपको पढ़ने में सुविधा होगी|

अपनी राय जरूर दें जिससे जरूरी बदलाब किये जा सकें, यदि आप कोई अन्य सुविधा भी चाहते हैं तो बताएं जिससे उस पर कार्य शुरू किया जा सके- धन्यवाद|

04 अप्रैल 2011

सामूहिक ब्लॉग के लिए एक आइडिया


यदि आप सामूहिक ब्लॉग प्रारंभ करना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए है, सबसे पहली चीज ये कि किसी समूह की आवश्यकता कब पडती है? जब कोई बड़ा कार्य करना हो तो |
छोटे कार्य तो हम निजी तौर पर कर सकते हैं जब कोई बड़ा कार्य करने की आवश्यकता हो तभी लोगों को एकत्रित करना पड़ता है लोगों को इकठ्ठा करना पड़ता है, योजना बनानी पड़ती है तथा उस योजना को असली जामा पहनाने के लिए कार्य करना पड़ता है|

आप मैं से कई लोगों को मैंने यह कहते हुए सुना है कि हमारा समाज तरक्की नहीं कर पा रहा है, महिलाओं की स्थिती अभी भी बदतर है, शिक्षा में कोई सुधार नहीं है, और भी कई समस्याएं हैं जिन पर समय-समय पर ब्लोगरों की पोस्ट आती रहती हैं, पर अफ़सोस आप कुछ करते नहीं सिर्फ कहते हैं, क्या कहने से किसी समस्या का समाधान होता है? क्या आपने कुछ कार्य प्रारंभ किये हैं?

पिछले कुछ समय में बहुत सामूहिक ब्लॉग बनाये गए, मैं सभी सामूहिक ब्लॉग के संस्थापकों को पूछता हूँ कि क्यूँ उन्होंने यह भीड़ इकठ्ठी की है? क्या किसी सामाजिक बुराई को दूर करने के लिए वह प्रयासरत हैं? नहीं ना, आपने सभी ब्लॉग नाम कमाने के लिए ही बनाये हैं ना ?

नाम कमाने के लिए कुछ कार्य करना बुरा नहीं होता, सिर्फ नाम कमाने के लिए जब शॉर्टकट लिया जाता है तब वह समाज के लिए अथवा खुद अपने लिए हानिकारक हो जाता है|

कुछ सामजिक समस्याओं पर मैंने गौर किया और सोचा कि किस प्रकार सामूहिक ब्लॉग इन समस्याओं का निदान कर सकते हैं-

महिलाओं की स्थिति: आज समाज में महिलाओं की स्थिति से सभी वाकिफ हैं, यह तो आप सभी जानते हैं कि हमारे देश की महिलाएं कई कलाओं में माहिर होतीं हैं- उदहारण के तौर पर अचार डालना, सिलाई कला, पाक कला, घरेलू साज-सज्जा का सामान ( झूमर, बैठक इत्यादि ) बनाना | मेरी मम्मी 42 तरह के अचार डाल लेतीं हैं, मेरी दादी तो सिर्फ आम के अचार ही कई तरह से डाल लेतीं हैं |

इतनी कला में माहिर होने के वावजूद महिलाये अपनी एक पहचान बनाने के लिए जूझती रहतीं हैं, और एक बात भी है कि आज कल की लड़कियां (बुरा ना माने परिस्थितियां ही ऐसी होतीं हैं ) यह सभी बनाना सीखतीं नहीं हैं तो बहुत सम्भावना है कि यह कलाएं आने वाले ४०-५० सालों में पूरी तरह से लुप्त हो जाएँ और हम हाथ से डाले गए अचार को खाने से महरूम रह जाएँ|

इन कार्यों में सामूहिक ब्लॉग कैसे हमारी मदद कर सकते हैं?


यहाँ पर हमारा उद्देश्य महिलाओं को उनकी पहचान देना तथा इन कलाओं को जीवित रखना है, तो मुख्य उद्देश्य से भटकें नहीं, पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए ऐसी महिलाएं कम्प्यूटर तथा ब्लोगिंग नहीं सीख सकतीं, अतः उनको सिर्फ किसी भी चीज को बनाने की विधि कागज़ पर लिखने के लिए कहें और आप उनको सामूहिक ब्लॉग पर डालें |

मजे की बात कि इसके लिए ना तो कोई ब्लॉग एग्रीगेटर आपके ब्लॉग को हटाने की बात कहेगा, ना गूगल में आपके ब्लॉग की रैंकिंग पर कोई फर्क पड़ेगा, और सभी आपका दिल खोल कर स्वागत करेंगे वो अलग |

सामूहिक ब्लॉग संचालकों के लिए ध्यान देने लायक बातों में मैंने बताया था कि आप कैसे अपने सामूहिक ब्लॉग की रूपरेखा तैयार करें और किन किन बातों का ध्यान रखें, लेख आप यहाँ पढ़ सकते हैं|
इन नियमों के अलावा कुछ और रूपरेखा आपको इस खास आइडिया के लिए तैयार करनी होंगी |
  • आप (सामूहिक ब्लॉग संस्थापक) अपने मोहल्ले की कुछ महिलाओं से बात करें तथा उनको समझाएं कि ब्लोगिंग का क्या महत्त्व है और इससे किस प्रकार उनका नाम होगा तथा समाज का फायदा होगा| 
  • यदि एक-दो महिलाएं भी मिल जायेंगी तो आपका कार्य हो जायेगा, सिर्फ इतना ध्यान रखना है कि उनको प्रोत्साहन मिलता रहे, कमेन्ट के रूप में, यदि आपका उद्देश्य अच्छा है तो यह कार्य तो हम सभी ब्लोगर मिल कर कर ही देंगे|
  • जब भी कोई कमेन्ट आये तो आप लेखिका को जरूर दिखाएँ, जिससे उनको प्रोत्साहन मिले, और वह अन्य महिलाओं को भी इस मुहिम में शामिल होने के लिए प्रेरित करे|
याद रखें हर बड़े काम की शुरूआत छोटे स्तर से ही शुरू होती है

सामूहिक ब्लॉग संचालकों के लिए विशेष

प्रिय ब्लोगर,

क्या आप कोई सामूहिक ब्लॉग चला रहे हैं ? या चलाना चाहते हैं ? यदि हाँ तो क्या आपने उसके लिए कोई प्लान बनाया या बना रहे हैं? इस पोस्ट में मैं बताने वाला हूँ कि आपको क्या करना चाहिए यदि आप एक सामूहिक ब्लॉग चलाना चाहते हैं अथवा चला रहे हैं-
सामूहिक ब्लॉग एक पत्रिका की तरह होता है, जिस प्रकार कोई भी पत्रिका किसी खास वर्ग के लिए लिखी जाती है ठीक वैसे ही सामूहिक ब्लॉग भी किसी खास वर्ग के लिए लिखा जाना चाहिए |
उदहारण लेते हैं - माना एक पत्रिका आती है "विज्ञान और विज्ञान" माना कि इसका मूल्य २० रु. है, आप दुकान में गए और आपने पहली बार यह पत्रिका देखी और खरीद ली, क्यूंकि आपको लगा कि यह पत्रिका आपको विज्ञान की अच्छी जानकारी देगी | अब आप इत्मीनान से इस पत्रिका को पढ़ने के लिए बैठे और इसमें कुछ इस प्रकार के लेख हैं 
  1. रैम्प पर चलते समय एक मॉडल का टॉप हुआ डाउन टू अर्थ |
  2. मनमोहन ने मैच के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को न्यौता दिया |
  3. विज्ञान को सिखाने के कुछ आसान तरीके |
  4. क्या आपने आज नाश्ता किया ? 
  5. इस माह की मुख्य फ़िल्में - जरूर देखें | 
आपका तो पता नहीं पर मेरा दिमाग इन लेखों को पढ़ कर जरूर खराब हो जायेगा और मैं आगे से "विज्ञान और विज्ञान" लेना बंद कर दूँगा | अरे भाई, यदि मुझे इस तरह के लेख पढ़ने होते तो मैं इसी प्रकार की मैगजीन लेता ना, मैं क्यूँ मेरे २० रु. "विज्ञान और विज्ञान" पर बर्बाद करता ?

पाठकों के इस मनोविज्ञान का ध्यान उस मैगजीन के संपादक, प्रधान संपादक आदि रखते हैं और इसलिए आपको किसी भी सफल मैगजीन के अंदर सिर्फ विषय से सम्बंधित लेख ही मिलेंगे |

अंतरजाल पर समय उतना ही महत्त्व रखता है जितना हमारी जिंदगी में रुपये का महत्त्व है | पाठक कोई भी ऐसी चीज नहीं पढ़ना चाहता जो उसके मतलब की नहीं है, और आपको यह देखना पड़ता है कि आप ऐसा क्या करें कि पाठक आपके सामूहिक ब्लॉग पर ज्यादा समय विचरण करें, या कुल मिला कर आपकी साईट से जाएँ नहीं|

मैगजीन / सामूहिक ब्लोगिंग


मैगजीन तथा सामूहिक ब्लोगिंग में अंतर
  • मैगजीन को तैयार करने में काफी मेहनत करनी पडती है पर सामूहिक ब्लॉग को तैयार करना बहुत आसान होता है
  • मैगजीन को उसके अंजाम तक पहुँचाने में बहुत धन खर्च होता है पर सामूहिक ब्लॉग में धन ना के बराबर खर्च होता है 
  • मैगजीन से संस्थापकों को आर्थिक लाभ होता है पर सामूहिक ब्लोग संचालकों को फायदा नहीं होता (हालांकि यह एक भ्रम है, जिसको अपने किसी अन्य लेख में तोडूंगा)
  • मैगजीन में लिखने वाले लेखकों को रु. मिलते हैं पर सामूहिक ब्लॉग में लिखने वाले ब्लोगरों को किसी प्रकार का आर्थिक लाभ नहीं होता (एक भ्रम)
  • मैगजीन में कोई भी लेख लिखे जाने से पहले कई नज़रों से होकर गुजरता है, सामूहिक ब्लोगों पर लेख प्रकाशित होने से पहले सिर्फ लेखक ने पढ़ा होता है :( 
  • मैगजीन में एकरूपता का ध्यान रखा जाता है पर सामूहिक ब्लॉग पर लेखक फॉण्ट के आकार, रंग इत्यादि का उचित प्रयोग नहीं करते 
मैगजीन तथा सामूहिक ब्लॉग में समानताएं   
  • दोनों को सफल बनाने के लिए संस्थापक तथा टीम के अन्य सदस्यों को बहुत मेहनत करनी पड़ती है | बस ध्यान यह रखना पड़ता है कि यह मेहनत घोड़े वाली होनी चाहिए गधे वाली नहीं |
  • दोनों को सफल बनाने के लिए लेखकों को अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करते रहना पड़ता है |

क्या करें सामूहिक ब्लॉग संस्थापक

पाठक वर्ग निश्चित करें

सामूहिक ब्लॉग के पाठक कौन होंगे यह निश्चित कर लें, याद रखें यह ना सोचें कि सभी इंटरनेट उपभोक्ता आपके पाठक होंगे क्यूंकि यह संभव नहीं है उदाहरण के तौर पर मैंने आज तक कभी भी अभिनय कैसे करें विषय पर कोई लेख नहीं पढ़ा है, क्यूंकि यह मेरा मनपसंद क्षेत्र नहीं है आप भी यदि सोचेंगे तो पायेंगे कि आप भी कुछ खास चीजें पढ़ना ही पसंद करते हैं, कोई कविता, कहानी, गजल ज्यादा पढता है, किसी को समाचार ज्यादा पसंद होते हैं, कोई सिर्फ धार्मिक लेख पढ़ना ही पसंद करता है, कोई व्यंग्य पढ़ना पसंद करता है, कोई मनोरंजक सामग्री को खोजता है| उम्मीद है कि आपको यह समझ में आ गया होगा कि आपको किसी खास वर्ग के पाठकों के लिए लिखना होगा|

जरूरी नियुक्तियां करें

अब कुछ न्युक्तियाँ करें जिसमें आपके (प्रबंधक) अलावा संपादक, सह-संपादक, प्रूफ-रीडर, अनुवादक तथा तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हों क्यूंकि आगे के सभी कार्य आप सभी मिल कर ही कर सकते हैं

श्रेणी / कॉलम निर्धारित करें

अब जब आपने लिखने के लिए कोई खास वर्ग चुन ही लिया है तो अगला कार्य है कुछ दिलचस्प कॉलम निर्धारित किये जाएँ जैसे कि "क्या आप जानते हैं", "ऐसा भी होता है", "प्रथम महिला / पुरुष", "अजीबोगरीब" इत्यादि, बाकी आपकी रचनात्मक क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कैसे अच्छे - अच्छे कॉलम बनाते हैं | अब आते हैं श्रेणियों पर लगभग हर क्षेत्र में आपको बहुत श्रेणियाँ मिल ही जायेंगी जैसे कि यदि तकनीकी क्षेत्र को ले लिया जाए तो इसमें गैजेट, मोबाइल, इंटरनेट, ऑपरेटिंग सिस्टम, लैपटॉप इत्यादि आ सकते हैं ठीक ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में भी श्रेणियाँ निर्धारित की जा सकती हैं|

नियम निर्धारण

अब नियम निर्धारित कीजिये जिसमें तकनीकी, नैतिक तथा कानूनी नियम शामिल होने चाहिए| सभी महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किये गए व्यक्तियों के लिए कार्य का निर्धारण कीजिये|

आमंत्रण पत्र तैयार किया क्या ?

सभी अब एक बढ़िया सा आमंत्रण पत्र तैयार कीजिये जिसमें आपके सामूहिक ब्लॉग के लिए निश्चित किये गए सभी नियम, उद्देश्य, महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किये गए व्यक्तियों की सूची होनी चाहिए| अब ब्लॉगजगत में देखिये कि कौन से लेखक आपके सामूहिक ब्लॉग में शामिल होने के लिए उपयुक्त हैं, उन सभी को यह निमंत्रण पत्र भेज दीजिए कोशिश कीजिये कि प्रारंभ में 10 से अधिक लेखक ना हों |

दंड तथा प्रोत्साहन

लेखक जो आपके सामूहिक ब्लॉग के लिए लिख रहे हैं आप उनको कैसे प्रोत्साहित करेंगे यह सोचिये,  जैसे कि उनके ब्लॉग के लिंक को सामूहिक ब्लॉग पर स्थान देना, माह के अंत में सर्वश्रेष्ठ लेखक इत्यादि की घोषणा कीजिये| याद रखिये कि जब कोई लेखक नियम भंग करता है तो उसको दंड कैसे देना है जैसे कि सदस्यता निष्कासित करना इत्यादि |

कुछ हट कर

क्या आपने कुछ हट कर किया? जैसे कितना अच्छा हो कि आप माह के अंत में एक ई-पत्रिका प्रकाशित करें जिसमें उस माह में लिखे गए सभी अच्छे लेखों को स्थान दिया जाए| प्रति माह ई-पत्रिका प्रकाशित करना ना सिर्फ आपके सामूहिक ब्लॉग की लोकप्रियता को बढ़ाएगा बल्कि इससे वो लोग भी लेखों को पढ़ पाएंगे जिनके पास इंटरनेट नहीं है अथवा कभी-कभी ही इंटरनेट का प्रयोग कर पाते हैं, कुछ इस तरह की ई-पत्रिका आप हर माह प्रकाशित कर सकते हैं

अगले लेख में पढ़ें "सामूहिक ब्लॉग चलाने के लिए कुछ जबरदस्त आइडिया"|

03 अप्रैल 2011

क्या आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं ?

नमस्कार ब्लोगरों,

मैंने कुछ ब्लोगरों को हमेशा शिकायत करते हुए पाया है, कभी ब्लॉग एग्रीगेटरों से कभी गूगल, याहू से | एक ब्लोगर की शिकायत थी कि
फलां ब्लोगर ने मात्र ५ लेख लिखे हैं उसके बाबजूद उसके पेज को गूगल ने २ रैंक दे दी है और मेरे ब्लॉग पर प्रतिदिन कई ब्लॉग प्रकाशित होते हैं फिर भी मेरे पेज की रैंकिंग अभी तक जीरो ही है |
संभव है कि आपके साथ भी यही समस्या हो | असल में इस समस्या के पीछे एक तकनीकी कारण है किसी प्रकार का भेदभाव नहीं, और संभव है कि आपको तकनीकी जानकारी ना हो और आपकी गलतियों की वजह से गूगल आपके पेज की रैंक ना बढ़ा पा रहा हो|
असल में मुझे किसी के ब्लॉग से कोई दिक्कत नहीं है, पेज रैंक बढे न बढे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता पर इससे हिन्दी को नुकसान होता है| आज की तारीख में सबसे ज्यादा हिन्दी डाटा हिन्दी ब्लोगों के जरिये ही उत्पन्न हो रहा है पर उससे सर्च इंजनों की नजर में हिन्दी की महत्वता नहीं बढ़ रही है क्यूंकि पूरा का पूरा डाटा एक कूड़े के रूप में अंतरजाल पर जमा हो रहा है और उससे पैटर्न बना पाना मुश्किल हो रहा है| यही कारण है कि अभी तक गूगल एडसेंस हिन्दी के ब्लोगों को सही एड प्रदान नहीं कर पा रहा है तथा गूगल एडवर्ड हिन्दी के कीवर्ड के बारे में कोई आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है|
यूँ तो इन बातों के कई कारण होते हैं, इनमें से एक कारण है डुप्लिकेट सामग्री : आप में से कुछ मेरी बात नहीं मानेंगे इसलिए यह लिंक दे रहा हूँ, इस बारे में पूरी जानकारी आप यहाँ पर पा सकते हैं , इस लिंक पर जो भी दिया गया है उसको में आपको अपने शब्दों में समझा रहा हूँ, उम्मीद है आपको समझने में आसानी होगी

डुप्लिकेट सामग्री से क्या होता है और सर्च इंजन को इनसे क्या नुकसान होता है ?
मान लेते हैं कि आपको गूगल में ताजमहल ढूँढना है तो यदि कोई ऐसी बेबसाइट है जो कि सिर्फ ताजमहल से ही सम्बंधित है जैसे कि http://www.tajmahal.com, तो जाहिर है कि इस साइट में सिर्फ और सिर्फ ताजमहल से सम्बंधित बहुत जानकारी होगी यह भी संभव है कि इस साईट के लगभग हर पेज पर ताजमहल कीवर्ड आता हो | ऐसी स्थिति में यदि आपके सर्च करने पर गूगल सिर्फ इसी साईट के ५०-७० पन्नों को अपने सर्च रिजल्ट में टॉप पर दिखाए पर याहू सिर्फ एक रिजल्ट इस साईट से दिखाए तथा बाकी रिजल्ट अन्य साईट से दिखाए जिसमे ताजमहल शब्द का प्रयोग किया गया हो, तो अगली बार आप भूल कर भी गूगल पर सर्च नहीं करेंगे और गूगल बंद हो जायेगा| इसलिए सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री को महत्त्व नहीं देते|

क्या करते हैं सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री से बचने के लिए?
जब भी किसी सर्च इंजन को डुप्लिकेट सामग्री मिलती है (एक वाक्य भी) तो सर्च इंजन यह मानता है कि लेखक ने अपने पेज की रैंकिंग बढ़ाने के लिए तथा सर्च इंजन के प्रयोक्ताओं को सही सर्च से भटकाने के लिए इस सामग्री को एक से ज्यादा जगह पर लिखा गया है ऐसा होने पर सर्च इंजन उस पेज की रैंक को ना सिर्फ कम करता है बल्कि अपनी लिस्ट से हर उस पेज को भी हटा देता है, जिस पर डुप्लिकेट सामग्री होती है, जिस स्थिति में आपका पेज सर्च इंजन में दिखाई ही नहीं देगा भले ही पूरा का पूरा लेख ही क्यूँ ना सर्च कर लिया जाए |

एक बात याद रखिये कि अधिकतर ब्लोगर या तो blogger.com का प्रयोग करते हैं अथवा wordpress.com पर लिखते हैं, अतः इन पर लिखी जाने वाली सामग्री सर्च इंजन में एक ही डोमेन के नाम से सम्मिलित की जाती है, जिससे सर्च इंजन को यह भ्रम होता है कि एक ही डोमेन पर कई बार सामग्री को डुप्लिकेट किया जा रहा है, और इसका नतीजा सभी ब्लोगों को भुगतना पड़ता है |

मैंने कई ब्लोगरों को अपने ब्लॉग में यह लिखे हुए देखा है कि हम हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं इसलिए हिन्दी में लिखते हैं तो याद रखिये - यदि आप सच में हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं तो एक ही लेख को कई जगह मत लिखिए | यह आपके लिए औरों के लिए तथा हिन्दी के लिए अच्छा होगा और यदि हर ब्लोगर इन नियमों का पालन करने लगे तो जिस दर से आज लेख लिखे जा रहे हैं उस हिसाब से वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी के लिए भी एड उपलब्ध होने लगेंगे और हिन्दी के ब्लोगर गरीब नहीं रहेंगे |

उम्मीद है आपको समझ में आया होगा कि डुप्लिकेट सामग्री कितनी खतरनाक होती है, अगले लेख में बताया जायेगा कि आप कैसे अपने ब्लॉग को गूगल में सम्मिलित करें | पर सम्मिलित करने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि कहीं आपका ब्लॉग डुप्लिकेट सामग्री से भरपूर तो नहीं है क्यूंकि ऐसा होने पर आपके ब्लॉग को गूगल से ब्लोक कर दिया जायेगा और एग्रीगेटरों पर तो आपको दुबारा अपना ब्लॉग सम्मिलित करने का मौका मिल भी सकता है पर गूगल पर दुबारा छः महीने से पहले नहीं मिलेगा | तो यदि आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं तो अब भी मौका है संभल जाइये :)

28 मार्च 2011

क्या आपने अपने ब्लॉग से नेविगेशन बार हटाया ?

कुछ और बात करने से पहले Navigation Bar देख लीजिए जिससे आपको पता चले कि Navigation Bar क्या होता है?
Navigation Bar

Navigation Bar आपको अपने ब्लॉग में सबसे ऊपर दिखाई देगा| इसको हटाने से आपके ब्लॉग को एक प्रोफेशनल लुक मिलेगा, और कौन अपने ब्लॉग को प्रोफेशनल लुक नहीं देना चाहता? आप तो चाहते हैं ना !!!

सबसे पहले तो यह कोड देखिये जो आपको अपने ब्लॉग के HTML में लिखना है अपने ब्लॉग से नेविगेशन बार को हटाने के लिए |

 /* NavBar -------------------------- */
#navbar {
height: 0px;
visibility: hidden;
display: none;
}

इस कोड को सावधानी से नीचे दिए गए वीडियो के अनुसार अपने टेम्पलेट में लगा दीजिए, थोडा ध्यान से करियेगा और टेम्पलेट को सिर्फ तभी सहेंजे जब  आप पूरी तरह संतुष्ट हों |

मेरा यह प्रयास आपको कैसा लगा जरूर बताएं, और यदि आपको कोई समस्या है तो जरूर पूछें, आपके हर सवाल का जबाब इसी प्रकार के वीडियो बना कर दिया जायेगा |

मेरे वीडियो के बारे में सबसे पहले जानने के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

25 मार्च 2011

क्या आपने अपने ब्लॉग में "LinkWithin" विजेट लगाया ?

आपने कई ब्लॉग पर देखा होगा कि पोस्ट के साथ उसी ब्लॉग की दूसरी पोस्टें चित्र सहित दी गई होती हैं, क्या आप जानते हैं कि यह कार्य असल में एक विजेट की सहायता से किया जाता है जिसे LinkWithin या You Might Also Link विजेट कहते हैं |

इस विजेट को लगाने से आपके ब्लॉग की पोस्टों को पढ़े जाने की सम्भावना बढ़ जाती है, तो अपनी इस पोस्ट में मैं आपको यह विजेट अपने ब्लॉग में लगाने का तरीका बताऊँगा|

LinkWithin विजेट को अपने ब्लॉग में जोड़ने के लिए निम्न स्टेप का अनुपालन करें -

  1. अपने ब्लोगर अकाउंट में लोगिन कर लें
  2. इस लिंक पर जायें http://www.linkwithin.com 
  3. अपने ब्लॉग से सम्बंधित सभी जानकारी भर दें 
  4. Get Widget बटन पर क्लिक करें, आपको दूसरे पेज पर ले जाया जायेगा
  5. अब Install Widget पर क्लिक करें, आपका ब्लोगर डैशबोर्ड खुल कर आ जाएगा
  6. LinkWithin विजेट को ड्रैग करते हुए Blogpost विजेट के नीचे ले जाकर छोड़ दें, और सेव कर दें
अपना ब्लॉग देखिये, आपका कार्य संपन्न हो चुका है, अभी भी कोई समस्या है तो नीचे दिए गए वीडियो को ध्यान से देखें, पूरी विधि को सरल शब्दों में समझाने का प्रयत्न किया है|



अगले लेख में मैं बताऊँगा कि कैसे आप अपने ब्लोगर ब्लॉग से NavBar को हटा सकते हैं| यदि आप चाहें तो मेरा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर सकते हैं|

23 मार्च 2011

अब कोई ब्लोगर नहीं लगायेगा गलत टैग !!!

मेरी पिछली पोस्ट में मैंने व्यंग्य के माध्यम से ब्लोगिंग में टैग की महत्वता बताने का प्रयास किया था, और मुझे लगता है कि मैं काफी हद तक सफल भी हुआ हूँ क्यूंकि कई लोग सही टैग का प्रयोग करने लगे हैं |

आप में से कई लोगों ने सही टैग के प्रयोग के बारे में पूछा था, तो यह लीजिए आपके सवाल का जबाब, सबसे पहले बात करते हैं मुख्य श्रेणियों की,

मुख्य श्रेणी यानी कि पूरे चिट्ठे का ही वर्गीकरण यानी देख कर बताया जा सके कि यह पूरा का पूरा चिटठा ही किस वर्ग में आना चाहिए, मैंने कई न्यूज चैनल, ब्लॉग एग्रीगेटर, समाचार पत्र, पत्रिकाओं का विश्लेषण किया तथा इस नतीजे पर पहुंचा हूँ कि मुख्य श्रेणी निम्नलिखित हो सकतीं हैं

जीवन  शैली | मनोरंजन | तकनीकी | खेल | विज्ञान | विधि / न्याय | व्यापार | समाचार

अपना ब्लॉग लेखों के साथ-साथ उस लेख के साथ जुड़े टैग को भी खींच लेता है | अब तक अपना ब्लॉग पर लगभग 10000 टैग आ चुके हैं जो आप ब्लोगरों ने ही लिखे हैं, सभी टैग में से 2000 से कुछ ज्यादा टैग ऐसे हैं जो कि 1 से ज्यादा बार अलग-अलग ब्लोगरों ने अपने लेखो में प्रयोग किये हैं (आप उन टैग को यहाँ देख सकते हैं ) उन सभी टैग को मैंने इस श्रेणियों के अंतर्गत लगाने का प्रयत्न किया है, जिससे हिन्दी चिट्ठाजगत को भी एक नये मुकाम पर पहुँचाया जा सके | 

जीवन  शैली: वह चिट्ठे जो जीवन शैली से सम्बंधित विषयों पर लिखते हैं जैसे कि समाज, धर्म, रिश्ते, आध्यात्म, व्यक्ति, खान-पान, पार्टी, फैशन, सुंदरता, स्वास्थ्य, चर्चा तथा त्यौहार | इन सभी विषयों पर लिखे जा रहे चिट्ठों को जीवन -शैली के अंतर्गत रखा जाना चाहिए |

अगली श्रेणी जिसमे हमारे ब्लोगर सबसे ज्यादा लिखते हैं, वह है

मनोरंजन : ये वो चिट्ठे हैं जो समाज में "गुलाब"की स्थिती को मजबूती प्रदान करते हैं, इन चिट्ठों में खास तौर पर होलीवुड, टेलीविजन, फिल्म-समीक्षा, फ़िल्मी गीत, रंगमंच, गीत, गजल, शायरी, कविता, कहानी, हास्य, व्यंग्य चुटकुले तथा पहेली लिखे जाते हैं




ब्लोगरों के द्वारा लिखे गए सभी टैग को किसी बड़े समूह के अंदर रखने का प्रयत्न किया गया है जैसे कि यदि एक टैग है "मेरी कविता"तो उस टैग को "कविता" के अंदर रखा गया है, बेहतर होगा कि ऐसे मौकों पर ब्लोगर कम से कम एक मेजर टैग  (जो कि ऊपर दिए गए गुच्छों के अंदर छोटे फॉण्ट में लिखे गए हैं ) का प्रयोग जरूर करें |

कुछ  टैग सम्बंधित मेजर टैग के साथ नीचे दिए गए हैं, आगे से आप टैग बनाते समय अपने मन के जितने चाहें टैग लिखें पर कम से कम एक मेजर टैग (आपके लेख से सम्बंधित ही होना चाहिए) जरूर लिखें |

टैग: हिमाचल की कहानी             मेजर टैग: कहानी
टैग: दूसरी दुनियां की फिल्में       मेजर टैग: फिल्म, होलीवुड, फिल्म-समीक्षा इत्यादि

मेजर  टैग वो टैग हैं जो पाठक को ध्यान में रख कर बनाये गए हैं, जैसे कि यदि पाठक होलीवुड की फिल्म को खोजेगा तो वह दूसरी दुनिया की फिल्म नहीं लिखेगा बल्कि सीधा-सीधा होलीवुड खोजेगा |

जहाँ टैग आपके चिट्ठे को खूबसूरती प्रदान करेंगे (मैं आगे आने वाले लेख में बताऊँगा कि कैसे आप अपने चिट्ठे को टैगों के जरिये एक नया रंग-रूप दे सकते हैं ) वहीं मेजर टैग आपके लेख को सभी ब्लॉग संकलक तथा एग्रीगेटरों में ज्यादा पढ़े जाने लायक बनायेंगे, और आपका लेख पहले की अपेक्षा ज्यादा पढ़ा जायेगा | आपके लेख अभी सिर्फ एक दिन (जिस दिन आपने लिखा) ही पढ़े जाते हैं पर मेजर टैग का प्रयोग करने से आपके लेख बाद में भी पढ़े जाने लगेंगे |

नीचे जो श्रेणियाँ दी गयीं हैं वो सिर्फ दो-चार ब्लोगरों के भरोसे ही जिन्दा हैं, पर आगे आने वाले समय में इन चिट्ठों के बढ़ने की संभावना भी है, कम लिखे जाने की वजह से इन श्रेणियों के अंदर के ज्यादा टैग निश्चित नहीं हो पाए हैं, जो कुछ भी निश्चित हुए हैं वह नीचे दिए गए हैं

तकनीकी : वह चिट्ठे जो तकनीक, प्रौधोगिकी के किसी भी क्षेत्र में लिख रहे हैं इस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं अभी तक इसके अंतर्गत सिर्फ चार श्रेणियाँ ही निर्धारित हो पायीं हैं वह श्रेणियाँ हैं गैजेट, टिप्स / ट्रिक्स, ब्लोगिंग तथा सोशल नेटवर्क

निम्न श्रेणियों के अंतर्गत लिखने वाले चिट्ठे भी बहुत कम हैं, अतः इसके अंतर्गत किसी भी श्रेणी का निर्धारण नहीं हो पाया है | यदि आप इनमे से किसी भी श्रेणी में लिखते हैं तो जरूर बताएं जिससे आपके चिट्ठे को "अपना ब्लॉग" में सम्मिलित किया जा सके तथा अपने लेखों में जो आपको उचित लगता है उस टैग का प्रयोग जरूर करें, जिससे इन श्रेणियों के टैग भी निश्चित किये जा सकें |

विज्ञान : कमेन्ट में कुछ मेजर टैग सुझाएँ तथा उनका प्रयोग अपने लेखों में करना शुरू कर दें |

व्यापार: दुखद है कि इसश्रेणी के अंतर्गत अभी तक कोई भी चिटठा सम्मिलित नहीं हुआ है, यदि आपका कोई मित्र है जो इस श्रेणी में चिटठा लिखता हो तो उसको "अपना ब्लॉग" के बारे में बताएं तथा चिटठा सम्मिलित करने के लिए कहें, जिससे मेजर टैग का निर्धारण किया जा सके

समाचार : समाचार के अंतर्गत देश, विदेश, क्षेत्रीय श्रेणी आती है, परन्तु इसमें भी मेजर टैग का अभाव है, आप सुझाएँ |
अपनी  अगले लेख को प्रकाशित करने से पहले ध्यान दें - 

  1. बिना उपयुक्त टैग के अपने लेख को प्रकाशित ना करें, सेव कर सकते हैं
  2. टैग बनाते समय यह ध्यान रखें कि आपके लेख को किस मेजर टैग के अंदर आना चाहिए, मेजर टैग वह टैग है जो पाठक या इंटरनेट यूजर खोजते हैं (उदहारण यूजर "मेरी कहानी" नहीं खोजेगा वह सिर्फ "कहानी" खोजेगा )
  3. आप कितने भी टैग का प्रयोग करें पर कम से कम एक मेजर टैग का प्रयोग जरूर करें, अन्यथा आपका लेख लाखों लेखों के बीच खो जायेगा और असली पाठक उस लेख नहीं नहीं पहुंचेगा |
  4. यदि टैग चुनने में परेशानी आ रही है तो इस लिंक पर जायें, यहाँ २००० टैग हैं, यहाँ आपको ऐसा टैग जरूर मिल जायेगा जो आपके लेख के लिए उपयुक्त हो |
अभी भी टैग से सम्बंधित कोई समस्या हो तो कमेन्ट में लिखें, मैं हिन्दी ब्लोगिंग की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हमेशा प्रयासरत हूँ और आपकी हर संभव मदद करूँगा|

19 मार्च 2011

कमेन्ट में लिंक कैसे जोड़ें?

क्या आप किसी ब्लॉग को पढकर उस पर कमेन्ट देना चाहते हैं ? और कमेन्ट लिखते समय आप उस कमेन्ट पर कोई लिंक देना चाहते हैं जैसे अपने किसी लेख का लिंक, यू-ट्यूब के किसी वीडियो का लिंक !! कैसे करे?

बहुत आसान है, आपको सिर्फ यह कोड कमेन्ट बॉक्स में लिखना है

<a href="लिंक"> शीर्षक </a>

लिंक के बारे में ध्यान रखने वाली बात : http:// जरूर लगा होना चाहिए, यह वह पता है जिस पर आप क्लिक करने वाले को भेजना चाहते हैं

शीर्षक: यह वह टेक्स्ट है जो सभी को दिखाई देगा और इस पर क्लिक किया जायेगा

जैसे को यदि मैं किसी को apnablog.co.in पर भेजना चाहता हूँ, और शीर्षक में "अपना ब्लॉग - हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर" तो लिखूंगा

<a href="http://www.apnablog.co.in/">अपना ब्लॉग - हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर</a>

है ना आसान - बाकी आप इस वीडियो में देख लीजिए -


यदि आप भी ब्लोगिंग से सम्बंधित कोई तकनीकी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेन्ट में लिखिए आपके लिए इस प्रकार के वीडियो तैयार करना मेरी जिम्मेदारी :)

मेरा यू-ट्यूब  चैनल सब्सक्राइब कर लीजिए जिससे आपको आगे के सभी वीडियो की जानकारी तुरंत मिल जाए |

12 मार्च 2011

फीड से सम्बंधित एक और समस्या और उसका समाधान

यह समस्या मैंने पहली बार देखी तो सोचा कि आप सभी से साझा किया जाए, हुआ ये कि "अपना ब्लॉग" पर कार्य कर रहा था, गिरिजेश राव जी ऑनलाइन दिखे तो उनसे चैट प्रारंभ कर दी, उन्होंने यह समस्या सामने रख दी,

समस्या थी कि उनके ब्लॉग की नई पोस्ट "अपना ब्लॉग" पर नहीं आ रहीं थीं, क्यूंकि "अपना ब्लॉग" पर मैंने कार्य किया है सो मुझे पता है कि ब्लागस्पाट की पोस्ट सिर्फ तब ही नहीं दिखाई देगी जब उसकी फीड में कोई समस्या हो , सो मैंने उनके ब्लॉग "चलते-चलते" की फीड जाँची, तो पता चला कि उन्होंने अपने ब्लॉग की फीड को फीड-बर्नर से बर्न किया हुआ था और फीडबर्नर ने 22/oct/2010 के बाद लिखी गयी किसी पोस्ट को अपडेट नहीं किया था, इतना तो तुरंत साफ़ हो गया कि समस्या फीडबर्नर की तरफ से है सो मैंने गिरिजेश राव जी से फीडबर्नर को जांचने के लिए कहा, पर वे फीडबर्नर से पूरी तरह अनजान थे, सो मैंने उनसे पासवर्ड की डिमांड की, पासवर्ड मिलने पर मैंने उनकी समस्या कैसे सुलझाई वह आपके सामने लिख रहा हूँ, उम्मीद है आपको फायदा होगा :)

step1: http://feeds.feedburner.com पर जायें
step 2: सम्बंधित फीड का चुनाव करें ("गिरिजेश राव" जी की फीड के लिए मैंने "चलते-चलते" को चुना)
step 3: edit feed details पर क्लिक करें (तीन टेक्स्ट बॉक्स खुल जायेंगे)
step 4: पहले टेक्स्ट बॉक्स में इस फीड का टाइटल होगा, इसको ऐसे ही छोड़ दें
step 5: दूसरे टेक्स्ट बॉक्स में असली फीड का पता भरा जाता है

ब्लागस्पाट के केस में यह http://<आपका ब्लॉग पता>/feeds/posts/default होता है जैसे कि मेरे इस ब्लॉग की फीड का पता http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default है,

इसको भरने के बाद (पहले से ही भरा हुआ था ) जब [Save Feed Details] बटन पर क्लिक किया तो निम्नलिखित मैसेज आया :

फीडबर्नर आपकी फीड को बर्न नहीं कर सकता क्यूंकि आपकी फीड का साइज 512K से ज्यादा है (जाहिर है मैसेज इंग्लिश में था)

फीड का साइज 512K पहुँचने की सम्भावना बहुत कम होती है, पर ऐसा किन स्थितियों में हो सकता है इस पर एक नजर डालते हैं -

1. यदि आप फीड में बहुत ज्यादा लेखों को सम्मिलित करते हैं तो,
2. यदि आप फीड में पूरे-पूरे लेख सम्मिलित करते हैं तो
3. यदि आप अपनी लेख में व्यर्थ की HTML का प्रयोग बहुत ज्यादा करते हैं तो (हालांकि इससे यह समस्या आने की सम्भावना उतनी नहीं है जितनी कि ऊपर के दोनों कारणों से )

यदि कारण 1 है तो तरीका बहुत आसान है,

दूसरे टेक्स्ट बॉक्स जिसमे असली फीड का पता भरा जाता है ( ऊपर step 5 देखें ) में फीड के पते के साथ "?max-results=3" भी जोड़ दें, जैसे कि यदि मेरे ब्लॉग में यह समस्या होती है तो समाधान के लिए मैं इस टेक्स्ट बॉक्स में
http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default के स्थान पर
http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default?max-results=3 लिखूंगा

ध्यान दें आप बाद की संख्या को बदल भी सकते हैं वैसे 10 ठीक रहता है, सामान्यतः ब्लोगर इसकी संख्या को 25 रखते हैं जो बहुत ज्यादा है, यह संख्या दिखाती है कि आप अपने कितने लेखों को इस फीड में शामिल करना चाहते हैं ?

यदि कारण 2 है तो भी आसान तरीका है,

अपने ब्लॉग की सेटिंग्स-> साइट फीड  में  जायें

ब्लोग्स फीड को अनुमति दें में "छोटा" विकल्प को चुनें

और [सेटिंग्स सहेंजें] बटन पर क्लिक करें

यह सेटिंग वैसे भी उपयोगी है, अधिकतर ब्लोगर की शिकायत रहती है कि "ब्लॉग एग्रीगेटर" उनकी पूरे लेख को दिखाते हैं जो कि गलत है | असल में ब्लॉग एग्रीगेटर फीड पर निर्भर रहते हैं यदि आपने पूरी पोस्ट को ही फीड में दिखा दिया तो ब्लॉग एग्रीगेटर कुछ नहीं कर सकता उसको आपकी फीड से जो कुछ मिलेगा वह उसको वैसा का वैसा दिखा देगा |

आपको और अधिक जानकारी इस लिंक पर मिल सकती है

उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही होगी | आपके कमेन्ट हौसला बढ़ाने का कार्य करते हैं, यदि दे सकते हैं तो जरूर दीजिए, नहीं भी देंगे तो भी आपको जानकारियां मिलती रहेंगी :)

आप भी ब्लोगिंग से सम्बंधित प्रश्न पूछ सकते हैं अपने तकनीकी प्रश्न "अपना ब्लॉग फोरम पर पूछें, मेरी कोशिश रहेगी कि आपके सभी प्रश्नों का समाधान कर सकूं

13 फ़रवरी 2011

ऑडियो पोस्ट: टूलबार तथा ब्लॉगर

यह एक ऑडियो पोस्ट है, नीचे दिए गए प्लेयर को प्ले कीजिये इसमें मैंने एक महत्वपूर्ण बिषय जो कि तकनीकी जानकारी ना/कम रखने वाले ब्लोगरों के लिए है, पर अपने विचारों को व्यक्त किया है- उम्मीद है कि ब्लोगरों को इससे लाभ होगा, यदि आपका कोई सवाल है तो आप यहाँ लिख सकते हैं, मैं कोशिश करूँगा आपकी समस्याओं का समाधान करने का|



इस ऑडियो को यहाँ से डाउनलोड करें

इस ऑडियो से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण लिंक:

सुशील जी का प्रश्न ऑर उसका उत्तर यहाँ देखें, मेरे ब्लागस्पाट.कॉम ब्लॉग नहीं खुल रहे हैं

अपने ब्लोगिंग से सम्बंधित सवाल यहाँ पूछें: अपना ब्लॉग़-ब्लोगिंग फोरम

सुशील जी का ब्लोगर प्रोफाइल

18 नवंबर 2010

गंभीर समस्या: कृपया अपना मत रखें

मैंने chitthagat.in पर देखा कि 
  1. खेल वर्ग पर आने वाले लेख 500 से भी ज्यादा बार पढ़े जा रहे है |
  2. तकनीकी, घरबार तथा सेहत के लेखों पर औसतन 80-90 क्लिक होते हैं, जो धुरंधर लिक्खड़ हैं उनके लेखों पर 100 से ज्यादा क्लिक होना मामूली बात है, कमेन्ट के बारे मे तो ना ही कहा जाये तो बेहतर है कमेन्ट मे तो इस हाथ ले उस दे दे बाली बात है |
  3. इलाकाई, मस्ती के हालात तो थोड़े बहुत ठीक हैं |
  4. पर बाकी वर्गों मे जैसे कि कला, समाज, समाचार, धंधा, विज्ञान, सन्दर्भ, खरीदारी के हालात बदतर है | इन लेखों को पढ़ा नहीं जा रहा है, ना कोई कमेन्ट ना क्लिक ना किसी तरह का प्रोत्साहन |
इस तरह तो हम हिन्दी ब्लोगिंग मे पीछे ही रह जायेंगे, यदि आपके पास इस समस्या का कोई हल हो तो सुझाएँ, जिससे कुछ किया जा सके

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