रोजगार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रोजगार लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

30 जुलाई 2011

हिंदी में कमाई का फुल प्रूफ प्लान

मित्रों मेरी इस धन कमाने से सम्बंधित सीरीज में कहीं भी यह लेख लिखना शामिल नहीं था क्यूंकि मैं सिर्फ कमाने से सम्बंधित लेखों पर ही ध्यान देना चाहता था, जिसके लिए मैंने कुछ मिश्रित प्लान किया है और आज वही आपके सामने प्रस्तुत करने की बारी थी, पर आप लोगों के ई-मेल, फोन तथा कमेंटों ने मेरे ऊपर एक तरह का दबाब बना दिया है और वह दबाब है "हिन्दी की सेवा"

मुझे पहली बार पता चला की इतनी बड़ी संख्या में लोग हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं, इसलिए आज प्रस्तुत है हिन्दी में सेवा तथा कमाई करने का फुल प्रूफ प्लान यह प्लान कभी फेल नहीं हो सकता ऐसा मेरा मानना है, तो देर किस बात की आइये देखते हैं की प्लान क्या है?

मित्रों कुछ बातें हर हिन्दी दिवस पर सुनता हूँ, आपने भी सुनी होंगी
  1. शर्म आनी चाहिए हिन्दी की सेवा का दम भरने वाली संस्थाओं को,
  2. क्या हिन्दी सिर्फ हिन्दी दिवस तक ही सीमित रहनी चाहिए, क्या अन्य दिनों में हिन्दी में कार्य नहीं किया जा सकता,
  3. इन फ़िल्मी सितारों की फिल्मों का बहिष्कार कर देना चाहिए क्यूंकि ये हिन्दी बोलना ही नहीं जानते (कलाकारों के नाम में नहीं लूँगा, उसके लिए आप हिन्दी दिवस के लेखों को ढूंढिए)
  4. क्या यही है हिन्दी अखबार, जिसमे आधे से ज्यादा शब्द इंग्लिश में होते हैं?
ऐसे लेखों से में नफरत करता हूँ, क्यूंकि ये सिर्फ लेख होते हैं इनसे कुछ किया नहीं जा सकता हो सकता है कि ऐसे लेख लिखने वाले लेखकों के पास हिन्दी का भला करने के लिए कोई आइडिया ना हो, पर क्या सच में ऐसा हो सकता है कि आपके दिल में कुछ करने की भावना हो और रास्ता ना मिले?

हिन्दी दिवस से कुछ याद आया, तब ब्लोगिंग में ज्यादा सक्रीय नहीं था अतः आज आप सभी के साथ शेयर कर देता हूँ
हिन्दी दिवस के अवसर पर मेरे ऑफिस में आयोजित प्रतियोगिताएं में मैंने भी कुछ जीता :)

इसलिए मैं आज लाया हूँ आपके पास कुछ ऐसा जिसके जरिये आप ना सिर्फ हिन्दी की सेवा कर सकते हैं बल्कि कमा भी सकते हैं और उम्मीद है इस लेख को पूरा पढने पर आपके दिमाग में ये तो साफ हो जाये कि हिन्दी सेवा के लिए क्या करना है, पर एक नई समस्या आ जाये कि ये कैसे करना है, पर आप चिंता ना करें यदि आप चाहें तो मैं आपकी मदद करूंगा :)

पहले आपको कुछ सबूत देता हूँ जिससे आपको पता चले कि मैं जो कह रहा हूँ वह सच है, यह है मेरे यू-ट्यूब के चैनल की रिपोर्ट-

वैसे तो इस रिपोर्ट में कुछ ज्यादा समझाने लायक बात नहीं है पर कुछ बातें इसमें नोट करने लायक हैं-
  • यूट्यूब पार्टनरशिप 14 फरवरी 2011 को मिली और यह रिपोर्ट 27 जुलाई 2011 तक की है, यानि कि यह रिपोर्ट 5 माह 12 दिन की है, 
  • इतने दिनों की कुल आय $48 है, यानि कि 2,121.60 रु., यानि कि प्रतिदिन 14 रु.
  • हिन्दी के वीडियो होने के बाद भी यू. एस. से $२०  की आय हुई है :) जो एक अच्छा संकेत है,
  • सबसे आख़िरी वीडियो जो इस लिस्ट में दिख रहा है उसमे मैंने जानबूझ कर computer की स्पेलिंग गलत लिखी है, पर फिर भी उस वीडियो से $1 की आय हुई है, जबकि यह वीडियो गलत स्पेलिंग की वजह से यूट्यूब तथा गूगल में सर्च में नहीं आएगा
आप ही सोचिये कि जब मेरे मात्र 42 वीडियो जिनकी कुल लम्बाई मात्र 85 मिनट है और पूरी तरह से हिन्दी में हैं, यू-ट्यूब पर औसतन प्रतिदिन 14 रु. की आय कर रहे हैं तो यदि कुल 15 घंटे के वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर दें तो प्रतिदिन 150 रु. की आय यानि 4500 रु. प्रतिमाह की आय कहीं नहीं गई :)
यहाँ पर गौर करने लायक बात यह है कि 1 घंटे के वीडियो बनाने में कुल छह घंटे का समय लगता है, और पंद्रह घंटे के वीडियो बनाने में एक आम व्यक्ति को अपने ऑफिस के काम के बाद करीब दो माह का समय लगेगा, सिर्फ दो माह काम करके यदि 4500 रु. प्रति माह की आय निश्चित हो जाये तो यह कोई बुरा सौदा नहीं है 

इस के लिए आपको क्या करना है?

चरण १:  किसी भी विषय पर शिक्षाप्रद वीडियो (शिक्षाप्रद वीडियो के बारे में मेरे पास कुछ ऐसे आइडिया हैं जो सिर्फ गृहणियों के लिए ही हैं, यदि आप में से कोई बनाना चाहे तो कमेन्ट में मुझे बताएं, एक पूरा लेख सिर्फ इसी बिषय पर लिखने की कोशिश करूंगा) हिन्दी में बनाना शुरू कर दें, यकीन मानिए यह बहुत आसान तो नहीं है पर बहुत कठिन भी नहीं है, (यदि आप वीडियो बनाना सीखना चाहते हैं तो आप मुझे बताइए, आई.आई.टी. मुम्बई में आपको इसकी ट्रेनिंग दिला सकता हूँ) एक घंटे के वीडियो बनाने के बाद-

चरण २: एक वेबसाईट बना लें (इंग्लिश में), यदि एक पेज भी होगा तो भी चलेगा क्यूंकि आपको सिर्फ गूगल एडसेंस अकाउंट खोलना है, पहले कोशिश करें एक ब्लॉग बनाने का जिस पर पांच-छह इंग्लिश के लेख लिख दें और गूगल एडसेंस के लिए एप्लाई कर दें, आपको एडसेंस अकाउंट मिल जायेगा, बस उसके बाद ब्लॉग को ऐसा ही बना रहने दें

चरण ३: यूट्यूब पर अपने सभी वीडिओ अपलोड कर दें, और 10000 अवलोकन (view) होने का इंतज़ार करें, जिस दिन 10,000 बार आपके वीडियो देखे जा चुके हों उस दिन यू-ट्यूब पार्टनरशिप के लिए आवेदन कर दें, इसके लिए आपके पास गूगल एडसेंस अकाउंट होना जरूरी है जिसके लिए आपको चरण २ पूरा करना होगा

चरण ४: चाहें तो आराम करें चाहें और वीडियो बना कर यू-ट्यूब पर डालते रहें, सिर्फ गूगल एडसेंस अकाउंट के साथ ज्यादा छेड़खानी ना करें क्यूंकि जिस दिन आपका गूगल अकाउंट गया उस दिन यू-ट्यूब पार्टनरशिप भी गयी :(

मित्रो मैंने आपको इस लेख में बहुत सी बातें बता दीं हैं, हो सकता है आपको अब तक कमाई करने का तरीका समझ में आ गया होगा, पर कुछ सवाल भी आपके दिमाग में घूम रहे होंगे, उनको अपने दिमाग में ज्यादा देर तक घूमने ना दें, कमेन्ट में लिखें, आपके सवाल का उत्तर देने का प्रयत्न करूंगा

schadenfreude the crispy garnish that tastes just like its name 

एक बात उन लोगों को जिनके ई-मेल मेरे पास आये थे
जिस तरह की भावनाओं के साथ आपने अपने ई-मेल मेरे पास भेजे थे, उन भावनाओं को देख कर तो यही लग रहा था कि आप हिन्दी सेवा के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं, आप लोगों ने लिखा था कि कितनी भी मेहनत करने के लिए तैयार हैं, मैं देखना चाहता हूँ कि लोग सिर्फ बोलना ही जानते हैं या करने की भी हिम्मत रखते हैं, आपको हर संभव मदद दूंगा, इसलिए आई.आई.टी. में प्रोफ़ेसर से बात भी कर ली है और वो वीडियो बनाना सिखाने के लिए वर्कशॉप कराने के लिए तैयार हैं, आप एक कदम उठाइये सफलता आपकी तरफ दो कदम उठायेगी, मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं
<- आंकड़े बोलते हैं, ब्लोगिंग से कमाई      ^ब्लोगिंग से कमाई, मैं तैयार हूँ, आप?

28 जुलाई 2011

आंकड़े बोलते हैं - ब्लॉग से कमाई

आप लोग अभी तक मेरे दो लेख "ब्लोगिंग से कमाई, मैं तैयार हूँ, आप?" तथा "ब्लोगिंग से कमाई" पढ़ चुके हैं, उन दोनों लेखों में मैंने आपको खूब सपने दिखाए, आपको भरोसा दिलाया की आप भी कमा सकते हैं, और मुझे बहुत खुशी है कि कई लोगों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है,
इस सीरीज के मेरे पहले लेख के प्रकाशित होने के बाद मुझे लगातार फोन तथा ई-मेल आ रहे हैं, कुछ लोग मेरे साथ आने की इच्छा दिखा रहे हैं तथा कुछ लोग अपने अनुभव मेरे साथ बाँट रहे हैं :)

आज मैं आपके समक्ष कुछ आंकड़े प्रस्तुत करूंगा जिससे आपको -
  1. मेरी बातों पर विश्वास हो जाये,
  2. पता चल जाये कि आपको कितना धैर्य रखना है,
  3. आप इन आंकड़ों के आधार पर सही दिशा में आगे बढ़ सके

एडसेंस से मुझे अब तक $100.69 यानि कि रू. 4441.94 की आय हो चुकी है, यह चित्र पिछले माह का है, इसके बाद पेमेंट भेज दिया गया और वापस मेरे अकाउंट में इस माह $12.41 की आमदनी हो चुकी है

कैसे शुरू हुआ यह सब? 
सबसे पहले फरवरी 2009 में मैंने वेबसाईट बनाई http://www.learnbywatch.com जिसे बनाने में मुझे लगभग एक माह का समय लगा, उसके बाद अक्टूबर 2009 में गूगल एडसेंस के लिए आवेदन किया और आवेदन मान लिया गया, तो आपने जो ऊपर की कमाई देखी हैं वो अक्टूबर 2009 से जून 2011 तक की है, किये गए कार्य तथा कमाई का सम्बन्ध आपको मैं नीचे दिए गए ग्राफ में दिखा रहा हूँ

अब जरा इस ग्राफ को समझते हैं, नीले रंग की रेखा कमाई दिखा रही है जो कि डॉलर में है तथा लाल रंग की रेखा दिखा रही है इस कार्य को दिया गया समय ( प्रतिदिन / घंटा ), तो जैसा कि आप देख रहे हैं,
  1. लगातार आठ माह तक प्रतिदिन चार घंटे कार्य किया (यह वेबसाईट को बनाने का कार्य है, क्यूंकि उस समय तक मुझे बेहतरीन वेबसाईट बनानी नहीं आतीं थीं, अब तो मेरे विद्यार्थी भी वेबसाईट को सिर्फ कुछ घंटों में बना कर तैयार कर देते हैं
  2. आठवा माह जहाँ से नीली रेखा प्रारंभ होती है वह है जब एडसेंस अकाउंट एक्टिव हुआ था (अब गूगल अकाउंट को एक्टिव करवाने में अधिकतम 7 दिन का समय लगता है) 
  3. तेरहवां माह जो आप देख रहे हैं जहाँ पर नीली रेखा ने $2 की आमदनी को पार नहीं किया था, यह वो समय है जब तक मुझे सर्च इंजन की कार्य प्रणाली के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, जिसको दूर किया तथा चौदहवें माह से आप खुद ही देख सकते हैं कि फिर आमदनी $2 से नीचे आई ही नहीं :)
  4. 23वां माह जहाँ आपको दिखाई दे रहा है कि 4 घंटे प्रतिदिन कार्य किया यह वो समय है जब "अपना ब्लॉग" को बनाया, तथा इसी माह में यूट्यूब की पार्टनरशिप मिल गयी :) जिसके बाद आप देख ही रहे हैं किसी भी माह में $8 से कम की आय नहीं हुई है :)
  5. इस ग्राफ में गौर कीजिये कि मैं अब सिर्फ प्रतिदिन मात्र आधा घंटा इन कार्यों को देता हूँ, पर आय में उसकी वजह से कोई कमी नहीं है 
उम्मीद है ग्राफ आपको समझ में आ गया होगा, कुछ और आंकड़े बताते हैं, कि
  • LBW यानि learnbywatch.com पर अभी तक कुल 20,700 बार गूगल एडसेंस के द्वारा एड दिखाए गए हैं, कुल 289 क्लिक हुए जिनसे $24.91 की आय हुई है, तथा 
  • apnablog.co.in पर अभी तक कुल 65,094 बार गूगल के द्वारा एड दिखाए गए हैं, कुल 36 क्लिक हुए हैं जिनसे कुल $3.81 की आय हुई है 
यहाँ पर एक बात गौर करने लायक है "अपना ब्लॉग" पूरी तरह से हिन्दी में है, LBW दोनों भाषाओं में है पर उस पर ब्लॉग सिर्फ हिन्दी में है, इससे निष्कर्ष निकलता है कि हिन्दी में भी गूगल एडसेंस पूरी तरह कार्य करता है सिर्फ अच्छी तरह से इम्प्लीमेंट करना आना चाहिए :)

"अपना ब्लॉग" पर दूसरी वेबसाईट के मुकाबले तीन गुना ज्यादा बार गूगल ने एड दिखाए पर उस पर क्लिक दूसरी वेबसाईट के मुकाबले आठ गुना कम हुए हैं कारण-
  • अधिकतर ब्लोगर एड पर क्लिक नहीं करते (शायद उनके लायक कोई एड आता ही नहीं)
  • ज्यादा से ज्यादा 1000 ब्लोगर हैं जो सक्रिय हैं
  • कुछ ब्लोगर एड ब्लोकर का प्रयोग करते हैं
अपना ब्लॉग पर आज की तारीख में 1,00,000 से ज्यादा लेख हैं, और LBW पर मात्र 30 फिर भी LBW से ज्यादा आमदनी हो रही है जबकि "अपना ब्लॉग" का अपना खर्चा निकालना भी मुश्किल हो रहा है क्यूंकि-
  • ब्लोगर सिर्फ पहले पन्ने पर ही जाते हैं (ऐसा मुझे गूगल एनालिटिक्स के आंकड़े देख कर पता चला है), और अधिकतर को विषय वस्तु से सम्बन्ध नहीं है, सिर्फ नया लेख पढना (अथवा देखना) है और उस पर टिप्पणी देनी है क्यूंकि उससे उनके लेख पर टिप्पणी आयेगी और एक आत्म-संतुष्टी मिलेगी
अपना ब्लॉग पर प्रतिदिन 100 के औसत से विजिट होते हैं, जबकि LBW पर मात्र ३० के औसत से फिर भी आय में इतना अंतर है क्यूंकि-
  • LBW के टार्गेट यूजर सिर्फ भारत में ही लाखों में हैं और गूगल सर्च से स्वतः ही उस पर आते हैं, पिछले छः माह से LBW पर मैंने लोगिन तक नहीं किया है (सही आंकड़े जुटाने के लिए) और प्रतिदिन 30 के औसत से अच्छी गुणवत्ता वाला ट्रैफिक LBW पर आता है,
  • अपना ब्लॉग पर वही गिने चुने 1000 लोग में से 100 लोग विजिट कर लेते हैं यानि सही गुणवत्ता का ट्रेफिक अपना ब्लॉग की तरफ रुख नहीं कर रहा है 
  • सच यह है कि LBW कई लोगों की जरूरत है जबकि "अपना ब्लॉग" शायद किसी की नहीं
अभी तक हुआ कुल खर्चा-
  • LBW पर - 3200/- रु. मात्र
  • अपना ब्लॉग पर - 1500/- रु. मात्र 
हालांकि अब अपना ब्लॉग को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबर्ष लगभग 60,000 रु. की आवश्यकता है, क्यूंकि उस पर लेख बहुत ज्यादा हो चुके हैं तथा एग्रीगेशन को बहुत प्रोसेसिंग की आवश्यकता होती है, मुझे दो बार होस्टिंग कंपनी से नोटिस मिल चूका है और अगला नोटिस नहीं मिलेगा सीधे वेबसाईट को बंद कर दिया जायेगा :(

मित्रो जो आपने ऊपर आंकड़े तथा आय देखी है वह सिर्फ गूगल एडसेंस से होने वाली देखी है, इसमें मैंने कई चीजें शामिल नहीं कीं जैसे कि प्रसिद्धि, कई ऐसी चीजों का ज्ञान जो अन्यथा नहीं हो पाता, तथा आप लोगों की मदद इसके आलावा मेरी प्रोग्रम्मिंग की वीडिओ सी.डी. जिसकी कीमत 580 रु. है, प्रतिमाह मेरे विद्यार्थियों की संख्या में 100 के लगभग की बढ़ोत्तरी हो जाती है)

मैंने सभी आंकड़े आपके समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं जिससे आप आगे की योजना निर्धारित कर सकें, इन आंकड़ों से मैं इन निष्कर्ष पर पहुंचा हूँ कि-
  • ऐसा ब्लॉग अथवा वेबसाईट बनाओ जो कि अधिक से अधिक लोगों की जरूरत पूरी करती हो
  • वेबसाईट / ब्लॉग को कठोरता के साथ सर्च इंजन के लायक बनाओ
  • वेबसाईट/ब्लॉग को यूजर फ्रैंडली बनाओ, जो एक बार आये तीन चार मिनट से पहले जा ना पाए तथा बार बार आये
मैं चाहता हूँ कि इन आंकड़ों के आधार पर आप किस निष्कर्ष पर पहुंचे यह कमेन्ट में लिखें, जिससे बेहतर निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके

पिछले लेख में मैंने "अभी क्या करें" सेक्शन में आपको कुछ करने के लिए कहा था, यदि आपने वह कार्य कर लिया हो तो 

अभी क्या करें-
  1. आपने जो वेबसाईट की लिस्ट तैयार की थी सोचिये कि वह कितने लोगों की जरूरत पूरी करती है, क्या वह सर्च इंजन पर आती है (वेबसाईट का नाम नहीं डालना है, बल्कि ऐसा कोई शब्द डालना है जिसको आप साधारणतया खोजने के लिए प्रयुक्त करते), तथा यदि आप उस वेबसाईट पर जाते हैं तो आप कितनी देर तक उस पर रुके रहते हैं
  2. अब सोचिये कि आपके दिमाग में जो आइडिया है वह कैसे इन तीनों बिन्दुओं पर खरा उतर पायेगा
यदि आपको कोई दिक्कत हो रही है तो कोई बात नहीं, क्यूंकि मैं बहुत जल्द अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करूंगा जो इन बिन्दुओं पर पूरी तरह खरे उतर रहे होंगे, ठीक वैसे ही आप भी ऐसा कर सकते हैं
<--ब्लोगिंग से कमाई                          पहला प्रष्ठ^

      23 जुलाई 2011

      ब्लोगिंग से कमाई!! मैं तैयार हूँ, आप?

      आपको शायद ध्यान हो मैंने अपनी एक पोस्ट में सामूहिक ब्लोगिंग के लिए कुछ आइडिया आप लोगों को बताये थे, पर उन आइडिया को इम्प्लीमेंट करने के लिए मेरे पास समय की कमी थी, पर अब मैं तैयार हूँ कुछ बड़ा और बेहतर करने के लिए, मुझे चाहिए आप में से कुछ लोग (20 - 40)| मैं ब्लोगिंग को कमाई का जरिया बनाना चाहता हूँ और अकेले ना तो कमा सकता हूँ और ना ही कमाना चाहता हूँ :)

      मित्रों आज तथा आने वाले कुछ दिनों तक पूरी तरह से कमाने की बात होगी, चर्चा का मुख्य विषय होगा ब्लॉग अथवा इसके जैसी विधाओं से कैसे कमाया जा सकता है? 

      सीरीज से सम्बंधित कुछ ख़ास बातें:
      1. इस सीरीज में जो कुछ भी प्रकाशित होगा उसको एक पुस्तक के रूप में आपके समक्ष प्रस्तुत कर दिया जायेगा जिससे आप डाउनलोड कर सकें तथा ऑफलाइन होने पर भी पढ़ सकें,
      2. इस सीरीज में जो कुछ भी बताया जा रहा है उसको तब तक नहीं आजमायें जब तक की यह सीरीज पूरी नहीं हो जाती अन्यथा आप अपना नुकसान कर बैठेंगे,
      3. इस सीरीज के अंत में मैं आपको मेरे द्वारा प्रारंभ होने वाले कुछ प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी दूंगा, जिसमें यदि आप चाहें तो भाग ले सकते हैं, जिसके जरिये आपके कमाने के मौके पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ जायेंगे
      4. मेरे यह प्रोजेक्ट ख़ास तौर पर गृहणियों, बच्चों, रिटायर्ड व्यक्तियों तथा बेरोजगार युवकों के लिए होंगे
      5. मेरे इन प्रोजेक्ट की बारीक से बारीक जानकारी इन लेखों में दी जायेगी और यदि आप चाहें तो आप भी इन  प्रोजेक्ट को अपना सकते हैं, और इन आइडिया को इम्प्लीमेंट करने में मेरी मदद भी ले सकते हैं,
      6. इस सीरीज में जो भी बातें आपको बताईं जायेंगी वो मैंने एक दिन में नहीं सीखीं हैं, बहुत धीरे-धीरे कई चीजों पर नजर रख कर, कई पुस्तकें पढ़ कर तथा बहुत रुपये खर्च करके सीखीं हैं, उसके बाद भी इनमें कमी हो सकती है इसलिए मैं चाहता हूँ कि तकनीकी के जानकार लोग जैसे कि पाबला जी, शाहनबाज भाई, रवि रतलामी जी, रतन सिंह शेखाबत जी तथा आप, इन लेखों में मिलने वाली गलत बात को तर्क के साथ काटें तथा मुझे सही रास्ते से परिचित करवाएं
      7. इन लेखों के लिंक आप चाहे जहाँ दे सकते हैं, पर इन लेखों को की नक़ल अपनी किसी भी वेबसाईट अथवा ब्लॉग पर करना सख्त मना है 
      प्रस्तुत है इस सीरीज का प्रथम लेख-

      गूगल एडसेंस जिंदाबाद
      पिछले 2 बर्षों से कमाने के मौके देने वाली साईट को देख-परख रहा था और कई वेबसाईट को जांचने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूँ की प्रारंभ में कमाई करने के लिए एडसेंस से बेहतर कुछ नहीं है, यह विचार मेरे दिमाग में बहुत पहले से थे पर मैं पहले यह देख लेना चाहता था की एडसेंस से ठीक-ठाक आय हो सकती है या नहीं और पैसे समय पर मिल जाते हैं या नहीं? और एडसेंस पर पूरा भरोसा होने के बाद अब वक्त है अपने विचार आपको बताने का और उनमे आपको शामिल करने का हालांकि मैं पूरी तरह गूगल एडसेंस पर निर्भर नहीं हूँ पर बाकी सभी रास्ते तब खुलते हैं जब हम कुछ बड़ा कर चुके होते हैं, प्रारंभ में गूगल ही मदद करता है

      ढूंढिए मनुष्य की कमजोरी-
      इसको कमजोरी ना कह कर यदि जरूरत कहा जाए तो ज्यादा उचित होगा क्यूंकि कोई भी व्यक्ति तभी रुपये खर्च करेगा जब उसको कुछ ना कुछ जरूरत होगी, याद रखिये कोई खर्च करेगा तभी तो आपको रूपया मिलेगा :) उदाहरण के लिए मनोरंजन एक बहुत बड़ा उद्योग है, मनोरंजन में फ़िल्में, गीत, गेम, फैशन शो और कभी कभी समाचार भी आ जाते हैं, ये वो चीजें हैं जिनकी तरफ व्यक्ति खुद आकर्षित होता है तथा इन पर रुपये खर्च करने के लिए तैयार रहता है, और मनोरंजन के बिषय में सबसे अच्छी तथा बड़ी बात यह है की हर किसी की जरूरत है

      ठीक ऐसे ही पिछले कुछ बर्षों में शिक्षा एक बहुत बड़े उद्योग के रूप में उभर कर आया है, व्यक्ति अपने लिए कुछ सुख सुविधाएँ छोड़ देता है पर कोशिश करता है की अपने बच्चों को उचित शिक्षा दिलाई जाये, हालांकि मनोरंजन के मुकाबले इस क्षेत्र में आबादी की कमी है पर मनोरंजन के मुकाबले इस क्षेत्र में रुपये अच्छे मिलने की संभावना रहती है

      अब उदाहरण लेता हूँ शौक का, शौक किसी भी चीज का हो सकता है उदाहरण के तौर पर मुझे कराटे, गिटार तथा पढने-पढ़ाने का बहुत शौक है, मैगजीन, कार्टून, कोमिक्स, नोबल, उपन्यास मेरे परम मित्र हैं किसी भी क्षण वो आपको मुझसे अलग नहीं दिखेंगे कहने का अर्थ है की पढने-पढ़ाने का मैं पागलपन की हद तक शौक़ीन हूँ, इस क्षेत्र में अच्छे रुपये मिलने की संभावना रहती है पर इसके लिए बिशेष मेहनत करनी पड़ती है क्यूंकि यदि कोई व्यक्ति दीवानगी की हद तक किसी चीज के प्रति पागल है तो वह बहुत कुछ पाने की कोशिश करेगा और आपको भी उसकी इच्छा पूरी करने के लिए दीवानगी की हद तक पागल होना चाहिए  

      धैर्यवान
      यह गुण नया नहीं है, यह हर क्षेत्र में कार्य करते समय होना चाहिए, ऑनलाइन कमाई करना भी ठीक वैसा ही है, बहुत धैर्य की आवश्यकता होती है तथा अन्य क्षेत्रों के मुकाबले यहाँ कुछ ज्यादा ही धैर्य रखना पड़ता है, पर जैसा की आप जानते हैं की धैर्य का फल मीठा होता है, इस क्षेत्र में भी ठीक वैसा ही है सिर्फ अंतर इतना है की बाकी क्षेत्रों के मुकाबले यहाँ कुछ ज्यादा ही मीठा होता है, यानि की यहाँ रुपये कमाने की संभावना सामान्य से ज्यादा होती है
       
      ऑनलाइन कमाने के लिए कुछ शर्तें-

      पहली शर्त: सिर्फ एक ही चीज पर अपना पूरा ध्यान लगा दीजिये (मैंने देखा है यहाँ ब्लॉगजगत में कुछ लोग सब कुछ करने की कोशिश करते हैं और कुछ भी नहीं कर पाते) मैं यहाँ पर तीसरा खम्बा का उदाहरण देना पसंद करूंगा तीसरा खम्भा एक ऐसा ब्लॉग है जो सिर्फ और सिर्फ एक ही बिषय पर केन्द्रित है,

      दूसरी शर्त: आपके द्वारा प्रदान की जा रही सुविधा या जानकारी किसी ना किसी के काम की होनी चाहिए, यहाँ पर मैं माफी चाहूँगा पर कविता तथा कहानी वाले ब्लॉग किसी के काम के नहीं होते, असल में कविता तथा कहानी लोगों की मजबूरी नहीं होते, और बहुत साफ़ शब्दों में कहूं तो कविता तथा कहानी के ब्लॉग से कमाई करने के बारे में सोचना अपना समय बर्बाद करना है (यदि आपका ब्लॉग कहानी तथा कविता का है तो निराश ना हों, मैं अपने एक लेख में सिर्फ कविता तथा कहानी के ब्लॉग से कैसे कमाया जाये बिषय पर ही चर्चा करूंगा)

      तीसरी शर्त: कुछ अलग सोचने की क्षमता, कारण बहुत आसान है ये बातें जो मैं आपको इस लेख में बता रहा हूँ वो आपको क्या लगता है, लोगों को पता नहीं होंगी? हा हा हा !! लोगों को पता है और लोग भी यही करेंगे जो आपको मैं बता रहा हूँ, असल में करते ही हैं फिर आप कहाँ टिकेंगे? इसलिए क्या आप कुछ अलग सोचने की क्षमता रखते हैं?

      चौथी शर्त: सोचिये की आपके पाठक क्या चाहते हैं, ना की ये की आपके हिसाब से क्या सही है!! एक उदाहरण लूँगा मेरे एक मित्र सिर्फ इसलिए अपनी एम.टेक की पढाई उत्तीर्ण नहीं कर पाए क्यूंकि वो सिर्फ वह प्रस्तुत करते थे जो उनको अच्छा लगता था, जो चीज उनको अच्छी नहीं लगी उसको वह प्रस्तुत नहीं करते थे, क्यूँ भाई? अरे यार तुमको पास कौन करेगा? अध्यापक, तो उनको आप वो क्यूँ दे रहे हो जो आप देना चाहते हो? वो दो ना यार जो उनको अच्छा लगता है बहुत सीधा सा हिसाब है यहाँ अधिकतर ब्लोगर ब्लोगिंग के वीडिओ चाहते हैं और मैं यदि आपको सी प्रोग्रामिंग के वीडिओ देने लगूं तो? आप लोगे? नहीं ना तो बस ऐसे ही वो प्रस्तुत करो जो लोग चाहते हैं ना की वो जो आप चाहते हैं

      पांचवीं तथा अंतिम शर्त: तकनीकी की पूरी जानकारी, पूरी जानकारी यदि आपको ना भी हो तो भी चलेगा क्यूंकि मैं आपकी पूरी मदद करने वाला हूँ इस मामले में मेरी इस पूरी सीरीज में आपको आपके हर सवाल, क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, कैसे पता लगायें की सामने वाला क्या चाहता है तथा ऐसी विधाओं से कैसे कमायें जिसमें लोग बिल्कुल भी रुपये खर्च नहीं करना चाहते, इत्यादि विषय पर बहुत विस्तृत वर्णन करूंगा, कहने का अर्थ यह है की इस पूरी सीरीज के समाप्त होने पर आपको तकनीकी की जानकारी में कुछ भी बचेगा नहीं

      बिशेष:
      • इस सीरीज के लेख मेरे इस ब्लॉग पर हर शनिवार, सोमवार तथा बुधवार को सुबह आठ बजे प्रकाशित होंगे अतः समय का ध्यान रखें,
      • यदि आप एक बेरोजगार युवक हैं तो इन लेखों पर ख़ास निगाह रखें सिर्फ इतना ध्यान रखें कि पहला ध्यान एक अच्छे कैरियर पर होना चाहिए,
      • आपके सुझाव का स्वागत है, निंदकों का ख़ास तौर पर क्यूंकि मैं चाहता हूँ कि यह सीरीज ज्यादा से ज्यादा विस्तृत हो 
       अभी करें-
      • यदि आप फिल्मों तथा फ़िल्मी-गीतों के शौक़ीन हैं और आप मेरे इस प्रोजेक्ट में शामिल होना चाहते हैं तो मुझे संपर्क करें मेरे मोबाइल नंबर 9022419053 पर, 
      • यदि आप अध्यापक हैं अथवा पढने पढ़ाने में रूचि रखते हैं तथा हाई-स्कूल / इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को पढ़ाने की क्षमता रखते हैं तथा मेरे प्रोजेक्ट में शामिल होना चाहते हैं तो मुझे संपर्क करें मेरे मोबाइल नंबर 9022419053 पर,
      • यदि आपके दिमाग में बहुत दिनों से कोई आइडिया कुलबुला रहा है पर आप उसको कैसे इम्प्लीमेंट करें यह तय नहीं कर पा रहे हैं तो मुझे अपनी पूरी समस्या डिटेल के साथ मेल कीजिये मेरे ई-मेल एड्रेस (yogendra.pal3@gmail.com) पर, आपकी पूरी जानकारी गुप्त रखी जायेगी

      05 जुलाई 2011

      मेरे विद्यार्थियों की पहली वेबसाइट



      प्रिय ब्लोगरों,

      पिछले दिनों मैं मैनपुरी गया था, कुछ विद्यार्थियों को द्रुपल सिखाने| उम्मीद यह की थी कि विद्यार्थी अपने पैरों पर खड़े हो जायेंगे क्यूंकि द्रुपल आज की जरूरत है तथा इसमें रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं|

      तीन विद्यार्थियों ने द्रुपल सीखने के लिए रजिस्टर कराया था श्रद्धेय जौहरी, रिजवान खान, तथा निखिल कुमार| सच कहूँ तो मुझे तीन भी ज्यादा ही लगे क्यूंकि मैनपुरी के विद्यार्थी यह सोच ही नहीं सकते कि वे मात्र 12 दिन के कोर्स में वेबसाइट बनाना सीख जायेंगे :)

      पर मुझे विश्वास था कि वो ऐसा कर पाएंगे, पर मैं उनको यह बोल कर नहीं बताना चाहता था बल्कि चाहता था कि वो ऐसा खुद महसूस करें, इसलिए मैंने कोर्स खत्म करने के बाद उनको किसी रियल प्रोजेक्ट में कार्य करवाना ही उचित समझा|

      और उनको एक अध्यापक की वेबसाइट बनाने का मौका दिया, आगे में क्या कहूँ आप खुद ही देख लीजिए जो वेबसाइट उन्होंने तैयार की है उसको आप इस लिंक पर जा कर देख सकते हैं - Raj Kumar Thenua | An Asst. Professor's Website

      इस वेबसाइट को बनाने में मैंने इनकी किसी तरह की कोई मदद नहीं की, सिर्फ वेबसाइट की जरूरतों के बारे में चर्चा की तथा बाकी काम इन पर ही छोड दिया, क्या आप मानेंगे कि यह इनकी पहली वेबसाइट है?

      यह दो पेज देखना मत भूलिए-

      फोटो गैलरी


      Event


      उम्मीद है आपको यह वेबसाइट पसंद आयेगी, अब आप सभी से सिर्फ एक गुजारिश है, यदि आप भी किसी वेबसाइट को बनाने के बारे में सोच रहे हैं तो एक बार मुझसे राय भी ले लें तथा स्व-रोजगार बढ़ाने में मेरी मदद करें|

      यदि आप ठीक ऐसी ही या कुछ कुछ इसके जैसी वेबसाइट अपने लिए बनवाना चाहें तो यह मात्र 5000/- रु. प्रति बर्ष की कीमत पर उपलब्ध है|

      05 मई 2011

      ब्लोगिंग से २० दिन का अवकाश, खास ब्लोगरों के लिए

      मित्रों,

      मैं ब्लोगरों के लिए एक खास कार्य करने के लिए जा रहा हूँ इसलिए २० दिन तक ब्लोगिंग से दूर रहूँगा, उसके लिए क्षमा चाहता हूँ|

      मैं मैनपुरी जा रहा हूँ, आप मैनपुरी को शिवम मिश्रा जी के नाम से जानते होंगे| मैनपुरी में Learn By Watch के द्वारा एक कोचिंग की स्थापना की गयी है जिसका उद्देश्य छात्रों को रोजगार परक शिक्षा देना है, जिससे वो पढाई के साथ साथ कमा भी सकें| Learn By Watch का उद्देश्य छात्रों को ऐसी शिक्षा देना है जिससे वो स्वावलंबी बनें और रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकें नहीं|

      छात्रों के लिए विशेष रोजगार परक कोर्स
      इस बार मैं पढाने जा रहा हूँ, मैनपुरी के बेरोजगार विद्यार्थियों को तीन विशेष कोर्स| मैगजीन डिजाइन, ग्राफिक्स डिजाइन तथा वेबसाइट डिजाइन(द्रुपल)|

      मैगजीन डिजाइन:

      क्या है मैगजीन डिजाइन?

      मैगजीन डिजाइन में मैगजीन के लेआउट तथा रंगों के प्रयोग की जानकारी दी जाती है जिससे कि अच्छी मैगजीन डिजाइन की जा सकें, मुख्यतः मैगजीन "पेजमेकर" में डिजाइन की जातीं थीं पर आजकल इनडिजाइन का प्रयोग किया जाता है| हालांकि मैं स्क्राइबस का प्रयोग करता हूँ क्यूंकि यह एक ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है और बहुत खूबियां रखता है| इसमें प्रोफेशनल मैगजीन डिजाइन करना बहुत ही आसान है| कुछ बेहतरीन उदाहरण आप यहाँ देख सकते हैं|

      असल में मैं इस कोर्स को मैगजीन डिजाइन के नजरिये से सिखाने वाला हूँ पर इस कोर्स को करने के बाद कोई भी ना सिर्फ प्रोफेशनल मैगजीन बल्कि ब्रौसर, पुस्तक, बिजनेस कार्ड भी आसानी से डिजाइन कर सकता है|

      ग्राफिक्स डिजाइन:

      क्या है ग्राफिक्स डिजाइन?

      ग्राफिक्स डिजाइन एक बहुत ही रचनात्मक क्षेत्र है इसमें किसी सॉफ्टवेयर विशेष का प्रयोग करते हुए विभिन्न ग्राफिक्स बनाई जातीं हैं| ग्राफिक्स डिजाइनिंग में बहुत से सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है जिसमे से कोरल ड्रा, इलस्ट्रेटर तथा इन्क्स्केप मुख्यतः प्रयोग किये जाते हैं| ग्राफिक्स डिजाइन का प्रयोग कर लोगो, बैनर, पम्पलेट, सी.डी. कवर, बुक कवर, एड इत्यादि बनाये जाते हैं|

      इस कोर्स को करने के बाद विद्यार्थी डिजिटल स्टोरी के लिए बैकग्राउंड, गूगल एड तैयार करना, लोगो बनाना तथा वेबसाइट टेम्पलेट बनाना जैसे कार्य कर सकता है|


      द्रुपल:

      क्या है द्रुपल ?

      द्रुपल एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसकी सहायता से विभिन्न प्रकार की वेबसाइट बहुत आसानी से बनाई जा सकतीं हैं, मैंने "अपना ब्लॉग" तथा "Learn by Watch" इसी के प्रयोग से बनाई हैं तथा अन्य कई प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा हूँ| ब्लोगरों की तरफ से भी कुछ प्रोजेक्ट मिले हैं जिनको काम ज्यादा होने की वजह से रोका हुआ है, बहुत जल्द ही उनको भी प्रारंभ करूँगा|

      इन कोर्स को सिखाने के पीछे निम्न उद्देश्य हैं

      1. इन कोर्स में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं है, ये रहा लिंक खुद ही देख लीजिए| और इन कोर्स की खासियत यह है कि छात्र अपने घर से कार्य करके भी कमा सकता है| उम्मीद है कि इन कोर्स को करने के बाद छात्र बेरोजगार नहीं रहेंगे|
      2. मैं काफी दिनों से एक मुक्त स्त्रोत तकनीकी पत्रिका प्रकाशित करने के बारे में सोच रहा हूँ, जनवरी में उसका एक अंक प्रकाशित भी कर चुका हूँ पर बाद में समय की कमी की वजह से आगे के अंक नहीं निकाल पाया| जब विद्यार्थी मैगजीन डिजाइन तथा ग्राफिक्स डिजाइन करना सीख जायेंगे तो वो यह कार्य कर पाएंगे और आपके समक्ष एक अच्छी मैगजीन प्रस्तुत कर पाएंगे| 
      3. इससे विद्यार्थियों का पोर्टफोलियो बनाने में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों के इंटरव्यू कॉल आने के मौके बढ़ जायेंगे|
      4. कुछ ब्लोगरों ने मुझसे मैगजीन डिजाइन, ग्राफिक्स डिजाइन तथा वेबसाइट डिजाइन के लिए संपर्क किया है, उनके कार्य समय के अभाव की वजह से मैं तो नहीं कर सकता पर ये विद्यार्थी बखूबी मेरी निगरानी में इस कार्य को अंजाम देंगे, इससे इन विद्यार्थियों का तजुर्बा बढ़ेगा तथा कमा भी सकेंगे| ब्लोगरों के लिए फायदे की बात यह होगी कि उनको ये सुविधाएँ बाजार से कम मूल्य पर तैयार मिल जायेंगी|
      १५ दिन प्रतिदिन २ घंटे चलने वाले प्रति कोर्स की फीस मात्र 300/- रु. रखी गयी है, यही कोर्स कोचिंग सेंटर 8000-15000 या कभी कभी उससे भी ज्यादा फीस लेकर सिखाते हैं, इन कोर्स का उद्देश्य छात्रों को स्वावलंबी बनाना है जिससे कि वो तुरंत कमाना प्रारंभ कर दें|

      ब्लोगरों से गुजारिश: 
      यदि आप मैनपुरी अथवा इसके आस पास के क्षेत्र में रहते हैं तो वेरोजगार युवकों को इस कोर्स के बारे में जानकारी दें, 
      यदि मेरे इस प्रयास से साल के अंत तक 10 बेरोजगार युवकों को भी नौकरी मिल गयी तो मैं अपने इस प्रयास को सफल मानूंगा
      यदि आपका सहयोग रहेगा तो हम विद्यार्थियों को एक नई राह दिखा पाएंगे, यदि आप ग्राफिक्स डिजाइन, मैगजीन डिजाइन अथवा वेबसाइट डिजाइन जैसा कोई कार्य करवाना चाहते हैं तो एक बार मुझसे संपर्क जरूर करें तथा रोजगार बढाने में मदद करें|

      LinkWithin

      Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...