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24 जुलाई 2011

10 चीजें अपने ब्लॉग से तुरंत निकालें

नीचे कुछ ऐसी चीजों की लिस्ट दी गयी है जो आपको तुरंत अपने ब्लॉग से निकाल देनी चाहिए, क्यूंकि इससे आपके पाठकों को पढने में तकलीफ होती है| हमेशा अपने पाठकों को ध्यान में रख कर ही ब्लॉग पर कोई विजेट अथवा इस जैसी कोई चीज लगानी चाहिए, ब्लॉग जगत में घूमते समय कुछ चीजों पर मेरी नजर पडी जो वहां नहीं होनी चाहिए थीं तो आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ, देखिये कहीं आपने भी तो इसमें से कुछ अपने ब्लॉग में नहीं लगा रखा है?

10 नंबर की चीज बहुत ज्यादा फर्क नहीं डालती और 1 नंबर की चीज बहुत फर्क डालती है

10. लेखकों की लिस्ट
कुछ ब्लॉग पर 100 तक लेखक हैं तो (पहली सलाह तो मैं यही दूंगा कि व्यर्थ में लोगों को ना जोड़ें, इस विषय पर मैं पहले बहुत कुछ लिख चूका हूँ) ऐसे में यदि आप उन सभी लेखकों को एक विजेट के जरिये यदि साइडबार में लगायेंगे तो बहुत जगह तो सिर्फ इसी में चली जायेगी, और वैसे भी कौन (पाठक) इस बात से मतलब रखता है कि कौन कौन इस मंच से जुड़ा हुआ है? पाठक को तो जो लेख मिला उसने पढ़ लिया और देख लिया कि किसने लिखा है, फिर भी यदि आप चाहते हैं कि सभी लेखकों की जानकारी आपके ब्लॉग पर रहे तो एक प्रष्ठ बना कर उस पर अपने सभी लेखकों का नाम उनके चित्र तथा पब्लिक प्रोफाइल के लिंक सहित प्रस्तुत करें :)

9. मौसम की जानकारी
ऐसी कोई भी विजेट जो मौसम की जानकारी देती है, क्या वो वाकई जरूरी है? सोचिये क्या मौसम की जानकारी लेने के लिए पाठक देना आपके ब्लॉग पर आएगा? खुद ही सोचिये, कविता कहानी के ब्लॉग पर मौसम की जानकारी देना हास्यास्पद नहीं है?

8. माउस का पीछा करने वाला फोटो
हालांकि अब यह अधिकतर ब्लॉग में नहीं मिलेगा पर यदि आपने लगा रखा है तो हटा दीजिये, अधिकतर पाठकों को यह अच्छा नहीं लगता है और यह पढ़ते समय काफी परेशान करता है

7. तारीख का विजेट
जी हाँ ऐसा कोई भी विजेट जो आज की तारीक या फिर समय पाठकों को बताता है उसको तुरंत निकाल दें, समय पता करने के कई तरीके हैं आपके पाठकों के पास वो कम्प्युटर से, मोबाइल से, घड़ी से अथवा किसी से पूछ कर टाइम पता कर सकते हैं, उसके लिए आपको अपने ब्लॉग की कीमती जगह को बर्बाद करने की आवश्यकता नहीं है

6. प्रिंट मीडिया में छपे हुए लेखों के चित्र
ठीक है कि प्रिंट मीडिया में छपे हुए लेख आपके लिए एक प्रकार की उपलब्धि है, पर वह ब्लॉग पर इधर-उधर बिखरे हुए अच्छे नहीं लगते, उसके लिए कुछ सुझाव मैं आपको देता हूँ, एक तरीका है कि किसी फोटो साइट पर अपने फोटो अपलोड कर दें जैसे कि picasa अथवा flikr पर तथा एक स्लाइड-शो के रूप में अपने ब्लॉग के साइड बार में लगा दें. दूसरा तरीका है प्रिंट मीडिया में प्रकाशित अपने सभी लेखों को एक नए लेख के रूप में अपने सभी पाठकों को बता दें तथा ब्लॉग पर एक पेज बनाकर उन सभी लेखों के लिंक दे दें और इस प्रष्ठ को नाम दें "मीडिया"

5. गैर जरूरी चित्र
कुछ लोग गैर जरूरी चित्र अपने ब्लॉग पर लगा लेते हैं, देखिये चित्र लगाना अच्छा है पर गैर जरूरी चित्र आँखों को चुभते हैं उदाहरण के लिए आप यह चित्र देखें-
इस तरह के चित्र वेबसाईट की शुरूआत में लगाए जाते थे, आज कल इस तरह के चित्रों को कूल टेक्स्ट नहीं कहते, तो यदि आपने भी ऐसा कुछ अपने ब्लॉग पर लगा रखा है, तो तुरंत हटा दें, अपने ब्लॉग के नाम के लिए साधारण टैक्स्ट का प्रयोग करें और यदि कोई चित्र लगाना ही चाहते हैं तो एक अच्छा सा लोगो बना कर लगाएं

4. मृत लिंक
ये क्या होता है? कई लोग इससे अनभिज्ञ होंगे, पर यह ब्लॉग की सेहत के लिए हानिकारक है, ऐसे लिंक जो कि आपके लेखों में या फिर आपके साइडबार में होते हैं पर सही रूप से कार्य नहीं करते, वो लिंक मृत लिंक कहलाते हैं, अपने साइड बार के लिंक तो चैक किये जा सकते हैं पर सैंकड़ों लेखों में बनाए गए लिंक को कैसे चैक कर सकते हैं? उसके लिए आप वर्ड-प्रेस में इस प्लग-इन का प्रयोग कर सकते हैं, अन्य लोग इस लिंक को प्रयोग कर सकते हैं

3. काउंटर 
यदि आपने अपने ब्लॉग पर ऐसा कोई काउंटर (गणना करने वाला) जैसे की फीडजिट विजेट इत्यादि लगाया है तो उसको तुरंत हटा दें, क्यूंकि इससे ज्यादा जगह बर्बाद चीज कोई नहीं है, पाठक को इससे क्या मतलब की आपके ब्लॉग को कितने लोग पढ़ते हैं? और किस देश से आपके ब्लॉग पर विजिटर आते हैं? हाँ, यह जरूर संभव है की आपके काउंटर में कम संख्या देख कर लोग यह कयास लगा लें की आपके ब्लॉग को ज्यादा लोग पढ़ते नहीं हैं, यदि आप आंकड़े देखना ही चाहते हैं तो अपने ब्लोगिंग प्लैटफॉर्म के द्वारा प्रदान की जा रही सुविधा का प्रयोग करें या फिर जोड़ें अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स

2. पॉप-अप एड
ऐसे किसी भी पॉप-अप एड को निकाल दें जो आपके ब्लॉग के किसी लेख पर क्लिक करने पर अथवा आपके ब्लॉग पर पहुँचने पर खुल जाता है, साथ में ऐसे एड को भी निकाल दें जो कि आपके लेख के महत्वपूर्ण अक्षरों पर डबल क्लिक के रूप में दिखाई देता है, और माउस को उस पर ले जाते ही एक पॉप-अप खुल कर आ जाता है, जो पढने में असुविधाजनक होता है

1. गाने / म्यूजिक
यदि आपने अपने ब्लॉग पर ऐसे गाने डाल रखे हैं जो कि ब्लॉग खुलने के साथ ही बजने लगते हैं तो उनको तुरंत निकाल दीजिये, क्यूंकि एक ब्लॉग के लिए ऐसे गाने से ज्यादा घातक कोई अन्य चीज है ही नहीं, मुझे यदि ऐसे किसी भी ब्लॉग पर जाना होता है तो मुझे या तो अपने कम्प्युटर के साउंड को या तो म्यूट करना पड़ता है या फिर उस ब्लॉग पर जाने के तुरंत बाद ही उसको बंद करना पड़ता है, और यदि फिर भी यदि आप रखना चाहें तो कम से कम उसको डिफौल्ट रूप से पाउस ही रखें
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कई ब्लोगर सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, जैसे कि,

१. मुझे पता चलना चाहिए पिछला व्यक्ति कौन आया था मेरे ब्लॉग में? फीडजिट विजेट
२. आज कितनी तारिख है? कलेंडर विजेट 
३. किस देश से कितने लोगों ने मेरे ब्लॉग पढ़े? फ्लैग काउंटर विजेट
४. मेरे ब्लॉग को आज कितने लोगों ने पढ़ा? ब्लोगर आंकड़े विजेट

और भी ना जाने क्या क्या..

यदि आप किसी ब्लॉग को विजिट करते हैं तो जो चीजें आपको उस ब्लॉग के बारे में खराब लगती हैं, उनको अपने ब्लॉग पर मत दोहराइए क्यूंकि हो सकता है कि लोगों को आपके ब्लॉग पर वह पसंद ना आये,

पाठकों की एक और समस्या के बारे में मैंने आपसे जिक्र किया था, जिसे आपने पसंद किया था पर अफ़सोस अभी भी कई ब्लोगर वह गलती दोहराते हैं, देखिये कहीं आप भी उन ब्लोगरों में से तो नहीं हैं?

24 अप्रैल 2011

अपने लेख को भविष्य में प्रकाशित करें

यदि आप ब्लोगर हैं तो यह वीडियो जरूर देखें, नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि आप अपने लेख को कैसे भविष्य में किसी भी तारिख तथा समय पर स्वतः प्रकाशित करने के लिए स्थापित कर सकते हैं, इसको शेड्यूलिंग कहते हैं|

In this video I show you how to set your blogger post to publish at later time. This is also called scheduling.

इससे होने वाले फायदे-

  1. आप किसी खास तिथि अथवा पर्व के बारे में कुछ लिख कर उस दिन पब्लिश होने के लिए स्थापित कर सकते हैं, भले ही आप उस दिन कम्प्यूटर पर ना बैठ पायें,
  2. नौकरी पेशा व्यक्ति के लिए बहुत ही बेहतर है, सिर्फ शनिवार / रविवार को अपने लेख लिखिए और पूरे हफ्ते के लिए शेड्यूल कर दीजिए,
  3. यदि इंटरनेट की सुविधा आपके पास नहीं है और आप ब्लॉग लिखने के लिए साइबर कैफे पर जाते हैं तो आप अपनी सभी पोस्ट किसी वर्ड प्रोसेसर में लिखिए और साइबर कैफे में जा कर भविष्य के लिए शेड्यूल कर दीजिए,
तो देर किस बात की नीचे दिया गया वीडियो देखिये और अपनी पोस्ट को शेड्यूल करना प्रारंभ कर दीजिए-


हिन्दी ब्लोगिंग में मैंने देखा है कि कुछ ब्लोगर एक ही दिन में 5-6 पोस्ट लिखते हैं, मैं निरंतर जी का उदहारण लूँगा, कल उनकी आठ पोस्ट प्रकाशित हुईं, और सिर्फ 2011 में ही उनकी 699 कवितायेँ प्रकाशित हो चुकी हैं| सामूहिक ब्लोगिंग की तो बात ही ना की जाए तो अच्छा है, अभी कुछ दिनों में थोडा कम हो गया है अन्यथा एक एक दिन में 20 तक पोस्ट सामूहिक ब्लोगों पर प्रकशित हो रही थीं, याद रखिये एक दिन में 2 या अधिकतम 3 पोस्ट करना ठीक रहता है उसके बाद पाठक भी बोर हो जायेगा और सर्च इंजन ऐसे ब्लोगों को स्पामिंग की कैटेगरी में रखते हैं 

यदि आप एक दिन में कई पोस्ट लिखते हैं तो उसको भविष्य के लिए शेड्यूल करना ना भूलें, अंतर आपको खुद दिखाई दे जायेगा|


आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया: मेरे इस ब्लॉग की भारत में अलेक्सा रैंक 90,000 के लगभग आ गयी है, आप सभी के प्यार और सम्मान के लिए शुक्रिया, उम्मीद है आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से लाभ होता होगा, कमेन्ट की आशा कभी नहीं है, आँकड़े आपके प्यार का सबूत देते हैं, पर यदि कभी कोई तकनीकी समस्या हो तो कमेन्ट में जरूर लिखें, आपकी समस्या का समाधान करने की हर संभव कोशिश करूँगा|

एक खास बात: इस वक्त ब्लोगरों तथा सामूहिक ब्लोगों के लिए एक खास सुविधा प्रदान करने के लिए छात्रों को तैयार कर रहा हूँ, जिसमे ब्लॉग के लिए लोगो, टेम्पलेट, एड बनाना, SEO, मैगजीन बनाना, वेबसाइट बनाना जैसी बुनियादी बातें विद्यार्थियों को सिखा रहा हूँ, यह सभी सुविधाएँ आप सभी को काफी कम मूल्य पर उपलब्ध करवाईं जायेंगी, उम्मीद है आप सहयोग देंगे|

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22 अप्रैल 2011

एक ऐसा लिंक जो आपके ब्लॉग पर पाठक को बनाये रखेगा

मित्रों अपने पिछले वीडियो में मैंने बताया था कि कैसे आप अपने पोस्ट में लिंक बना सकते हैं तथा सम्बंधित लिंक अपने पोस्ट में देने के फायदे के बारे में भी आपको बताया था, पर साधारण लिंक के साथ एक समस्या है,

जब कोई पाठक लिंक पर क्लिक करता है तो वह सम्बंधित लिंक पर तो चला जाता है पर जिस पोस्ट को वह पढ़ रहा होता है वह भी उसके सामने से हट जाती है, और कहीं यदि आपने किसी और के लेख का लिंक दिया होता है तो पाठक आपके ब्लॉग से ही बाहर चला जायेगा|


इस समस्या का समाधान
सिर्फ एक ही समाधान है क्यूँ न ऐसा लिंक बनाया जाए जो दूसरी विंडो अथवा टैब में खुले, जी हाँ यह संभव है उसके लिए आपको लिंक के टैग को सीखना होगा, जो इस वीडियो में सिखाया गया है, उम्मीद है आपको फायदा होगा

दोनों प्रकार के लिंक का HTML कोड नीचे दे रहा हूँ, अंतर देखिये-
साधारण लिंक 
<a href="http://www.apnablog.co.in"> अपना ब्लॉग </a>
दूसरे विंडो में खुलने वाला लिंक
<a href="http://www.apnablog.co.in" target="_blank"> अपना ब्लॉग </a>

अगले वीडियो में देखिये कैसे आप अपने पोस्ट को भविष्य में स्वतः प्रकाशित होने के लिए शेड्यूल कर सकते हैं|

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21 अप्रैल 2011

पोस्ट में लिंक कैसे जोड़ें

नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग के लेखों में आवश्यक लिंक जोड़ सकते हैं

अपने पोस्ट में लिंक बनाने के फायदे-
  1. लेख से सम्बंधित लिंक को अपने लेखों में देने से पाठक को आपके लेख को समझने में आसानी रहती है
  2. अच्छे लिंक देने से आपके लेख का वजन बढ़ता है और गूगल में आपके ब्लॉग की पेज रैंक बढ़ने की संख्या बढ़ जाती है
  3. अपने दूसरे सम्बंधित लेखों के लिंक देकर आप अपने ब्लॉग पर पाठक को काफी देर तक रोक सकते हैं, 
  4. यदि आप दूसरों के लेखों के लिंक देंगे तो पाठक आपके ब्लॉग से दूसरों के ब्लॉग पर जायेगा,  दूसरों को अपने ब्लॉग की गूगल एनालिटिक देखकर पता चल जायेगा कि आपने उनके लेख का लिंक दिया है, तो संभव है कि वो भी आपके ब्लॉग के लेखों का लिंक दें और उनके ब्लॉग से आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आने लगे :)
  5. यकीन मानिये लिंक बना कर आप कमा भी सकते हैं, पर इस मामले में मैं आपके किसी अन्य लेख में बताऊँगा|
उम्मीद है कि लिंक के फायदे आपको समझ में आ गए होंगे और आप अपने लेखों में सम्बंधित लिंक लगाना चाहेंगे, तो देर किस बात की नीचे दिए गए वीडियो को देखकर सीखिए कि लेख में लिंक कैसे बनाया जाता है-


पिछले वीडियो में आपने सीखा था कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक जोड़ें

अगले वीडियो में सीखिए कैसे अपनी पोस्ट में ऐसा लिंक दें जो नई विंडो में खुले, जिससे पाठक आपके ब्लॉग पर भी बना रहे और आपके पोस्ट की उपयोगिता भी बढ़ जाए|

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18 अप्रैल 2011

आपके ब्लॉग के लिए गूगल एनालिटिक्स

नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स को जोड़ सकते हैं|

गूगल एनालिटिक्स को अपने ब्लॉग में जोड़ने के फायदे-
  1. गूगल एनालिटिक्स आपको आपके ब्लॉग से सम्बंधित सबसे ज्यादा और सटीक आंकड़े दिखाता है,
  2. किस देश, राज्य, तथा शहर से कितने लोगों ने आपके ब्लॉग को देखा, कहाँ से वो आपके ब्लॉग पर आये,
  3. किन लेखों को पढ़ा गया, किन लेखों को पढ़ कर लोग आपके ब्लॉग से चले गए,
  4. किस साइज की स्क्रीन से, किस तरह की डिवाइस से आपके ब्लॉग को पढ़ा गया,
  5. आपके ब्लॉग के किस लिंक पर कितने क्लिक किये गए,
  6. किस कीवर्ड को सर्च करने पर लोग आपके ब्लॉग पर आये - इत्यादि 
इतने आंकड़े आपके सामने आते हैं कि सभी को यहाँ पर लिखा नहीं जा सकता, पूरी किताब लिखनी पड़ेगी|

उम्मीद है आपको गूगल एनालिटिक्स का महत्त्व समझ में आ गया होगा और आप भी अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स जोड़ना चाहेंगे, तो आपकी सुविधा के लिए मैं वीडियो पेश कर रहा हूँ, देखिये और अपने ब्लॉग से गूगल एनालिटिक्स जोड़ दीजिए |


इस वीडियो से सम्बंधित लिंक:
http://www.google.com/analytics/

पिछले वीडियो में आपने सीखा था कि कैसे आप अपने ब्लॉग को गूगल में सम्मिलित करवा सकते हैं,
अगले वीडियो में देखें कि कैसे आप अपने लेख में आवश्यक लिंक बना सकते हैं -

मेरे सभी वीडियो के बारे में तुरंत जानकारी के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें - धन्यवाद |

15 अप्रैल 2011

गूगल में जमा कराएँ अपना ब्लॉग

नीचे दिए गए वीडियो में आपको बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग को गूगल में जमा करवा सकते हैं,

गूगल में अपना ब्लॉग सम्मिलित करने के फायदे -
  1. गूगल आपके ब्लॉग को इंडेक्स कर लेता है और गूगल सर्च रिजल्ट में आपके इंडेक्स किये गए ब्लॉग के लेख दिखाने लगता है
  2. आप यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि आपके ब्लॉग के किन की-वर्ड को गूगल ने इंडेक्स किया है, यदि आपको लगता है कि ये की-वर्ड सही नहीं हैं तो आप जरूरी कदम उठा सकते हैं
  3. आपके ब्लॉग में तकनीकी समस्या होने पर गूगल में आप पता कर सकते हैं, जो आपको आमतौर पर पता नहीं चलेगा 
  4. गूगल रैंक बढ़ने की सम्भावना बढ़ जाती है 
इसके अलावा कई छुपे हुए फायदे भी हैं, जिनको आप प्रयोग करने पर ही जान पाएंगे, फिलहाल तो यह वीडियो देखें और इस वीडियो में दिखाए अनुसार अपने ब्लॉग को तुरंत गूगल में सम्मिलित करवाएं|


जिस प्रकार गूगल में किसी ब्लॉग को सम्मिलित किया जा सकता है ठीक वैसे ही आप अन्य सर्च इंजन में भी अपने ब्लॉग को सम्मिलित करवा सकते हैं, अधिक जानकारी तथा जरूरी लिंक मयंक जी ने अपने ब्लॉग में दिए हैं, देखें|


वीडियो से सम्बंधित लिंक:
http://www.google.com/addurl
http://www.google.co.in/addurl

अगले वीडियो में देखें कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स को जोड़ें, जिससे आप अधिक से अधिक आंकड़े जुटा सकें|

03 अप्रैल 2011

क्या आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं ?

नमस्कार ब्लोगरों,

मैंने कुछ ब्लोगरों को हमेशा शिकायत करते हुए पाया है, कभी ब्लॉग एग्रीगेटरों से कभी गूगल, याहू से | एक ब्लोगर की शिकायत थी कि
फलां ब्लोगर ने मात्र ५ लेख लिखे हैं उसके बाबजूद उसके पेज को गूगल ने २ रैंक दे दी है और मेरे ब्लॉग पर प्रतिदिन कई ब्लॉग प्रकाशित होते हैं फिर भी मेरे पेज की रैंकिंग अभी तक जीरो ही है |
संभव है कि आपके साथ भी यही समस्या हो | असल में इस समस्या के पीछे एक तकनीकी कारण है किसी प्रकार का भेदभाव नहीं, और संभव है कि आपको तकनीकी जानकारी ना हो और आपकी गलतियों की वजह से गूगल आपके पेज की रैंक ना बढ़ा पा रहा हो|
असल में मुझे किसी के ब्लॉग से कोई दिक्कत नहीं है, पेज रैंक बढे न बढे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता पर इससे हिन्दी को नुकसान होता है| आज की तारीख में सबसे ज्यादा हिन्दी डाटा हिन्दी ब्लोगों के जरिये ही उत्पन्न हो रहा है पर उससे सर्च इंजनों की नजर में हिन्दी की महत्वता नहीं बढ़ रही है क्यूंकि पूरा का पूरा डाटा एक कूड़े के रूप में अंतरजाल पर जमा हो रहा है और उससे पैटर्न बना पाना मुश्किल हो रहा है| यही कारण है कि अभी तक गूगल एडसेंस हिन्दी के ब्लोगों को सही एड प्रदान नहीं कर पा रहा है तथा गूगल एडवर्ड हिन्दी के कीवर्ड के बारे में कोई आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है|
यूँ तो इन बातों के कई कारण होते हैं, इनमें से एक कारण है डुप्लिकेट सामग्री : आप में से कुछ मेरी बात नहीं मानेंगे इसलिए यह लिंक दे रहा हूँ, इस बारे में पूरी जानकारी आप यहाँ पर पा सकते हैं , इस लिंक पर जो भी दिया गया है उसको में आपको अपने शब्दों में समझा रहा हूँ, उम्मीद है आपको समझने में आसानी होगी

डुप्लिकेट सामग्री से क्या होता है और सर्च इंजन को इनसे क्या नुकसान होता है ?
मान लेते हैं कि आपको गूगल में ताजमहल ढूँढना है तो यदि कोई ऐसी बेबसाइट है जो कि सिर्फ ताजमहल से ही सम्बंधित है जैसे कि http://www.tajmahal.com, तो जाहिर है कि इस साइट में सिर्फ और सिर्फ ताजमहल से सम्बंधित बहुत जानकारी होगी यह भी संभव है कि इस साईट के लगभग हर पेज पर ताजमहल कीवर्ड आता हो | ऐसी स्थिति में यदि आपके सर्च करने पर गूगल सिर्फ इसी साईट के ५०-७० पन्नों को अपने सर्च रिजल्ट में टॉप पर दिखाए पर याहू सिर्फ एक रिजल्ट इस साईट से दिखाए तथा बाकी रिजल्ट अन्य साईट से दिखाए जिसमे ताजमहल शब्द का प्रयोग किया गया हो, तो अगली बार आप भूल कर भी गूगल पर सर्च नहीं करेंगे और गूगल बंद हो जायेगा| इसलिए सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री को महत्त्व नहीं देते|

क्या करते हैं सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री से बचने के लिए?
जब भी किसी सर्च इंजन को डुप्लिकेट सामग्री मिलती है (एक वाक्य भी) तो सर्च इंजन यह मानता है कि लेखक ने अपने पेज की रैंकिंग बढ़ाने के लिए तथा सर्च इंजन के प्रयोक्ताओं को सही सर्च से भटकाने के लिए इस सामग्री को एक से ज्यादा जगह पर लिखा गया है ऐसा होने पर सर्च इंजन उस पेज की रैंक को ना सिर्फ कम करता है बल्कि अपनी लिस्ट से हर उस पेज को भी हटा देता है, जिस पर डुप्लिकेट सामग्री होती है, जिस स्थिति में आपका पेज सर्च इंजन में दिखाई ही नहीं देगा भले ही पूरा का पूरा लेख ही क्यूँ ना सर्च कर लिया जाए |

एक बात याद रखिये कि अधिकतर ब्लोगर या तो blogger.com का प्रयोग करते हैं अथवा wordpress.com पर लिखते हैं, अतः इन पर लिखी जाने वाली सामग्री सर्च इंजन में एक ही डोमेन के नाम से सम्मिलित की जाती है, जिससे सर्च इंजन को यह भ्रम होता है कि एक ही डोमेन पर कई बार सामग्री को डुप्लिकेट किया जा रहा है, और इसका नतीजा सभी ब्लोगों को भुगतना पड़ता है |

मैंने कई ब्लोगरों को अपने ब्लॉग में यह लिखे हुए देखा है कि हम हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं इसलिए हिन्दी में लिखते हैं तो याद रखिये - यदि आप सच में हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं तो एक ही लेख को कई जगह मत लिखिए | यह आपके लिए औरों के लिए तथा हिन्दी के लिए अच्छा होगा और यदि हर ब्लोगर इन नियमों का पालन करने लगे तो जिस दर से आज लेख लिखे जा रहे हैं उस हिसाब से वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी के लिए भी एड उपलब्ध होने लगेंगे और हिन्दी के ब्लोगर गरीब नहीं रहेंगे |

उम्मीद है आपको समझ में आया होगा कि डुप्लिकेट सामग्री कितनी खतरनाक होती है, अगले लेख में बताया जायेगा कि आप कैसे अपने ब्लॉग को गूगल में सम्मिलित करें | पर सम्मिलित करने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि कहीं आपका ब्लॉग डुप्लिकेट सामग्री से भरपूर तो नहीं है क्यूंकि ऐसा होने पर आपके ब्लॉग को गूगल से ब्लोक कर दिया जायेगा और एग्रीगेटरों पर तो आपको दुबारा अपना ब्लॉग सम्मिलित करने का मौका मिल भी सकता है पर गूगल पर दुबारा छः महीने से पहले नहीं मिलेगा | तो यदि आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं तो अब भी मौका है संभल जाइये :)

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