ब्लोगिंग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ब्लोगिंग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

24 अप्रैल 2011

अपने लेख को भविष्य में प्रकाशित करें

यदि आप ब्लोगर हैं तो यह वीडियो जरूर देखें, नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि आप अपने लेख को कैसे भविष्य में किसी भी तारिख तथा समय पर स्वतः प्रकाशित करने के लिए स्थापित कर सकते हैं, इसको शेड्यूलिंग कहते हैं|

In this video I show you how to set your blogger post to publish at later time. This is also called scheduling.

इससे होने वाले फायदे-

  1. आप किसी खास तिथि अथवा पर्व के बारे में कुछ लिख कर उस दिन पब्लिश होने के लिए स्थापित कर सकते हैं, भले ही आप उस दिन कम्प्यूटर पर ना बैठ पायें,
  2. नौकरी पेशा व्यक्ति के लिए बहुत ही बेहतर है, सिर्फ शनिवार / रविवार को अपने लेख लिखिए और पूरे हफ्ते के लिए शेड्यूल कर दीजिए,
  3. यदि इंटरनेट की सुविधा आपके पास नहीं है और आप ब्लॉग लिखने के लिए साइबर कैफे पर जाते हैं तो आप अपनी सभी पोस्ट किसी वर्ड प्रोसेसर में लिखिए और साइबर कैफे में जा कर भविष्य के लिए शेड्यूल कर दीजिए,
तो देर किस बात की नीचे दिया गया वीडियो देखिये और अपनी पोस्ट को शेड्यूल करना प्रारंभ कर दीजिए-


हिन्दी ब्लोगिंग में मैंने देखा है कि कुछ ब्लोगर एक ही दिन में 5-6 पोस्ट लिखते हैं, मैं निरंतर जी का उदहारण लूँगा, कल उनकी आठ पोस्ट प्रकाशित हुईं, और सिर्फ 2011 में ही उनकी 699 कवितायेँ प्रकाशित हो चुकी हैं| सामूहिक ब्लोगिंग की तो बात ही ना की जाए तो अच्छा है, अभी कुछ दिनों में थोडा कम हो गया है अन्यथा एक एक दिन में 20 तक पोस्ट सामूहिक ब्लोगों पर प्रकशित हो रही थीं, याद रखिये एक दिन में 2 या अधिकतम 3 पोस्ट करना ठीक रहता है उसके बाद पाठक भी बोर हो जायेगा और सर्च इंजन ऐसे ब्लोगों को स्पामिंग की कैटेगरी में रखते हैं 

यदि आप एक दिन में कई पोस्ट लिखते हैं तो उसको भविष्य के लिए शेड्यूल करना ना भूलें, अंतर आपको खुद दिखाई दे जायेगा|


आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया: मेरे इस ब्लॉग की भारत में अलेक्सा रैंक 90,000 के लगभग आ गयी है, आप सभी के प्यार और सम्मान के लिए शुक्रिया, उम्मीद है आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से लाभ होता होगा, कमेन्ट की आशा कभी नहीं है, आँकड़े आपके प्यार का सबूत देते हैं, पर यदि कभी कोई तकनीकी समस्या हो तो कमेन्ट में जरूर लिखें, आपकी समस्या का समाधान करने की हर संभव कोशिश करूँगा|

एक खास बात: इस वक्त ब्लोगरों तथा सामूहिक ब्लोगों के लिए एक खास सुविधा प्रदान करने के लिए छात्रों को तैयार कर रहा हूँ, जिसमे ब्लॉग के लिए लोगो, टेम्पलेट, एड बनाना, SEO, मैगजीन बनाना, वेबसाइट बनाना जैसी बुनियादी बातें विद्यार्थियों को सिखा रहा हूँ, यह सभी सुविधाएँ आप सभी को काफी कम मूल्य पर उपलब्ध करवाईं जायेंगी, उम्मीद है आप सहयोग देंगे|

मेरे सभी वीडियो के बारे में तुरंत जानकारी के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें|

22 अप्रैल 2011

एक ऐसा लिंक जो आपके ब्लॉग पर पाठक को बनाये रखेगा

मित्रों अपने पिछले वीडियो में मैंने बताया था कि कैसे आप अपने पोस्ट में लिंक बना सकते हैं तथा सम्बंधित लिंक अपने पोस्ट में देने के फायदे के बारे में भी आपको बताया था, पर साधारण लिंक के साथ एक समस्या है,

जब कोई पाठक लिंक पर क्लिक करता है तो वह सम्बंधित लिंक पर तो चला जाता है पर जिस पोस्ट को वह पढ़ रहा होता है वह भी उसके सामने से हट जाती है, और कहीं यदि आपने किसी और के लेख का लिंक दिया होता है तो पाठक आपके ब्लॉग से ही बाहर चला जायेगा|


इस समस्या का समाधान
सिर्फ एक ही समाधान है क्यूँ न ऐसा लिंक बनाया जाए जो दूसरी विंडो अथवा टैब में खुले, जी हाँ यह संभव है उसके लिए आपको लिंक के टैग को सीखना होगा, जो इस वीडियो में सिखाया गया है, उम्मीद है आपको फायदा होगा

दोनों प्रकार के लिंक का HTML कोड नीचे दे रहा हूँ, अंतर देखिये-
साधारण लिंक 
<a href="http://www.apnablog.co.in"> अपना ब्लॉग </a>
दूसरे विंडो में खुलने वाला लिंक
<a href="http://www.apnablog.co.in" target="_blank"> अपना ब्लॉग </a>

अगले वीडियो में देखिये कैसे आप अपने पोस्ट को भविष्य में स्वतः प्रकाशित होने के लिए शेड्यूल कर सकते हैं|

मेरे सभी वीडियो के बारे में तुरंत जानकारी के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें|

21 अप्रैल 2011

पोस्ट में लिंक कैसे जोड़ें

नीचे दिए गए वीडियो में बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग के लेखों में आवश्यक लिंक जोड़ सकते हैं

अपने पोस्ट में लिंक बनाने के फायदे-
  1. लेख से सम्बंधित लिंक को अपने लेखों में देने से पाठक को आपके लेख को समझने में आसानी रहती है
  2. अच्छे लिंक देने से आपके लेख का वजन बढ़ता है और गूगल में आपके ब्लॉग की पेज रैंक बढ़ने की संख्या बढ़ जाती है
  3. अपने दूसरे सम्बंधित लेखों के लिंक देकर आप अपने ब्लॉग पर पाठक को काफी देर तक रोक सकते हैं, 
  4. यदि आप दूसरों के लेखों के लिंक देंगे तो पाठक आपके ब्लॉग से दूसरों के ब्लॉग पर जायेगा,  दूसरों को अपने ब्लॉग की गूगल एनालिटिक देखकर पता चल जायेगा कि आपने उनके लेख का लिंक दिया है, तो संभव है कि वो भी आपके ब्लॉग के लेखों का लिंक दें और उनके ब्लॉग से आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक आने लगे :)
  5. यकीन मानिये लिंक बना कर आप कमा भी सकते हैं, पर इस मामले में मैं आपके किसी अन्य लेख में बताऊँगा|
उम्मीद है कि लिंक के फायदे आपको समझ में आ गए होंगे और आप अपने लेखों में सम्बंधित लिंक लगाना चाहेंगे, तो देर किस बात की नीचे दिए गए वीडियो को देखकर सीखिए कि लेख में लिंक कैसे बनाया जाता है-


पिछले वीडियो में आपने सीखा था कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक जोड़ें

अगले वीडियो में सीखिए कैसे अपनी पोस्ट में ऐसा लिंक दें जो नई विंडो में खुले, जिससे पाठक आपके ब्लॉग पर भी बना रहे और आपके पोस्ट की उपयोगिता भी बढ़ जाए|

मेरे सभी वीडियो के बारे में तुरंत जानकारी के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें| 

15 अप्रैल 2011

गूगल में जमा कराएँ अपना ब्लॉग

नीचे दिए गए वीडियो में आपको बताया गया है कि कैसे आप अपने ब्लॉग को गूगल में जमा करवा सकते हैं,

गूगल में अपना ब्लॉग सम्मिलित करने के फायदे -
  1. गूगल आपके ब्लॉग को इंडेक्स कर लेता है और गूगल सर्च रिजल्ट में आपके इंडेक्स किये गए ब्लॉग के लेख दिखाने लगता है
  2. आप यह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि आपके ब्लॉग के किन की-वर्ड को गूगल ने इंडेक्स किया है, यदि आपको लगता है कि ये की-वर्ड सही नहीं हैं तो आप जरूरी कदम उठा सकते हैं
  3. आपके ब्लॉग में तकनीकी समस्या होने पर गूगल में आप पता कर सकते हैं, जो आपको आमतौर पर पता नहीं चलेगा 
  4. गूगल रैंक बढ़ने की सम्भावना बढ़ जाती है 
इसके अलावा कई छुपे हुए फायदे भी हैं, जिनको आप प्रयोग करने पर ही जान पाएंगे, फिलहाल तो यह वीडियो देखें और इस वीडियो में दिखाए अनुसार अपने ब्लॉग को तुरंत गूगल में सम्मिलित करवाएं|


जिस प्रकार गूगल में किसी ब्लॉग को सम्मिलित किया जा सकता है ठीक वैसे ही आप अन्य सर्च इंजन में भी अपने ब्लॉग को सम्मिलित करवा सकते हैं, अधिक जानकारी तथा जरूरी लिंक मयंक जी ने अपने ब्लॉग में दिए हैं, देखें|


वीडियो से सम्बंधित लिंक:
http://www.google.com/addurl
http://www.google.co.in/addurl

अगले वीडियो में देखें कि कैसे आप अपने ब्लॉग में गूगल एनालिटिक्स को जोड़ें, जिससे आप अधिक से अधिक आंकड़े जुटा सकें|

03 अप्रैल 2011

क्या आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं ?

नमस्कार ब्लोगरों,

मैंने कुछ ब्लोगरों को हमेशा शिकायत करते हुए पाया है, कभी ब्लॉग एग्रीगेटरों से कभी गूगल, याहू से | एक ब्लोगर की शिकायत थी कि
फलां ब्लोगर ने मात्र ५ लेख लिखे हैं उसके बाबजूद उसके पेज को गूगल ने २ रैंक दे दी है और मेरे ब्लॉग पर प्रतिदिन कई ब्लॉग प्रकाशित होते हैं फिर भी मेरे पेज की रैंकिंग अभी तक जीरो ही है |
संभव है कि आपके साथ भी यही समस्या हो | असल में इस समस्या के पीछे एक तकनीकी कारण है किसी प्रकार का भेदभाव नहीं, और संभव है कि आपको तकनीकी जानकारी ना हो और आपकी गलतियों की वजह से गूगल आपके पेज की रैंक ना बढ़ा पा रहा हो|
असल में मुझे किसी के ब्लॉग से कोई दिक्कत नहीं है, पेज रैंक बढे न बढे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता पर इससे हिन्दी को नुकसान होता है| आज की तारीख में सबसे ज्यादा हिन्दी डाटा हिन्दी ब्लोगों के जरिये ही उत्पन्न हो रहा है पर उससे सर्च इंजनों की नजर में हिन्दी की महत्वता नहीं बढ़ रही है क्यूंकि पूरा का पूरा डाटा एक कूड़े के रूप में अंतरजाल पर जमा हो रहा है और उससे पैटर्न बना पाना मुश्किल हो रहा है| यही कारण है कि अभी तक गूगल एडसेंस हिन्दी के ब्लोगों को सही एड प्रदान नहीं कर पा रहा है तथा गूगल एडवर्ड हिन्दी के कीवर्ड के बारे में कोई आंकड़े नहीं जुटा पा रहा है|
यूँ तो इन बातों के कई कारण होते हैं, इनमें से एक कारण है डुप्लिकेट सामग्री : आप में से कुछ मेरी बात नहीं मानेंगे इसलिए यह लिंक दे रहा हूँ, इस बारे में पूरी जानकारी आप यहाँ पर पा सकते हैं , इस लिंक पर जो भी दिया गया है उसको में आपको अपने शब्दों में समझा रहा हूँ, उम्मीद है आपको समझने में आसानी होगी

डुप्लिकेट सामग्री से क्या होता है और सर्च इंजन को इनसे क्या नुकसान होता है ?
मान लेते हैं कि आपको गूगल में ताजमहल ढूँढना है तो यदि कोई ऐसी बेबसाइट है जो कि सिर्फ ताजमहल से ही सम्बंधित है जैसे कि http://www.tajmahal.com, तो जाहिर है कि इस साइट में सिर्फ और सिर्फ ताजमहल से सम्बंधित बहुत जानकारी होगी यह भी संभव है कि इस साईट के लगभग हर पेज पर ताजमहल कीवर्ड आता हो | ऐसी स्थिति में यदि आपके सर्च करने पर गूगल सिर्फ इसी साईट के ५०-७० पन्नों को अपने सर्च रिजल्ट में टॉप पर दिखाए पर याहू सिर्फ एक रिजल्ट इस साईट से दिखाए तथा बाकी रिजल्ट अन्य साईट से दिखाए जिसमे ताजमहल शब्द का प्रयोग किया गया हो, तो अगली बार आप भूल कर भी गूगल पर सर्च नहीं करेंगे और गूगल बंद हो जायेगा| इसलिए सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री को महत्त्व नहीं देते|

क्या करते हैं सर्च इंजन डुप्लिकेट सामग्री से बचने के लिए?
जब भी किसी सर्च इंजन को डुप्लिकेट सामग्री मिलती है (एक वाक्य भी) तो सर्च इंजन यह मानता है कि लेखक ने अपने पेज की रैंकिंग बढ़ाने के लिए तथा सर्च इंजन के प्रयोक्ताओं को सही सर्च से भटकाने के लिए इस सामग्री को एक से ज्यादा जगह पर लिखा गया है ऐसा होने पर सर्च इंजन उस पेज की रैंक को ना सिर्फ कम करता है बल्कि अपनी लिस्ट से हर उस पेज को भी हटा देता है, जिस पर डुप्लिकेट सामग्री होती है, जिस स्थिति में आपका पेज सर्च इंजन में दिखाई ही नहीं देगा भले ही पूरा का पूरा लेख ही क्यूँ ना सर्च कर लिया जाए |

एक बात याद रखिये कि अधिकतर ब्लोगर या तो blogger.com का प्रयोग करते हैं अथवा wordpress.com पर लिखते हैं, अतः इन पर लिखी जाने वाली सामग्री सर्च इंजन में एक ही डोमेन के नाम से सम्मिलित की जाती है, जिससे सर्च इंजन को यह भ्रम होता है कि एक ही डोमेन पर कई बार सामग्री को डुप्लिकेट किया जा रहा है, और इसका नतीजा सभी ब्लोगों को भुगतना पड़ता है |

मैंने कई ब्लोगरों को अपने ब्लॉग में यह लिखे हुए देखा है कि हम हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं इसलिए हिन्दी में लिखते हैं तो याद रखिये - यदि आप सच में हिन्दी की सेवा करना चाहते हैं तो एक ही लेख को कई जगह मत लिखिए | यह आपके लिए औरों के लिए तथा हिन्दी के लिए अच्छा होगा और यदि हर ब्लोगर इन नियमों का पालन करने लगे तो जिस दर से आज लेख लिखे जा रहे हैं उस हिसाब से वह दिन दूर नहीं जब हिन्दी के लिए भी एड उपलब्ध होने लगेंगे और हिन्दी के ब्लोगर गरीब नहीं रहेंगे |

उम्मीद है आपको समझ में आया होगा कि डुप्लिकेट सामग्री कितनी खतरनाक होती है, अगले लेख में बताया जायेगा कि आप कैसे अपने ब्लॉग को गूगल में सम्मिलित करें | पर सम्मिलित करने से पहले यह जरूर ध्यान दें कि कहीं आपका ब्लॉग डुप्लिकेट सामग्री से भरपूर तो नहीं है क्यूंकि ऐसा होने पर आपके ब्लॉग को गूगल से ब्लोक कर दिया जायेगा और एग्रीगेटरों पर तो आपको दुबारा अपना ब्लॉग सम्मिलित करने का मौका मिल भी सकता है पर गूगल पर दुबारा छः महीने से पहले नहीं मिलेगा | तो यदि आप एक से ज्यादा ब्लॉग पर एक ही लेख लिखते हैं तो अब भी मौका है संभल जाइये :)

28 मार्च 2011

क्या आपने अपने ब्लॉग से नेविगेशन बार हटाया ?

कुछ और बात करने से पहले Navigation Bar देख लीजिए जिससे आपको पता चले कि Navigation Bar क्या होता है?
Navigation Bar

Navigation Bar आपको अपने ब्लॉग में सबसे ऊपर दिखाई देगा| इसको हटाने से आपके ब्लॉग को एक प्रोफेशनल लुक मिलेगा, और कौन अपने ब्लॉग को प्रोफेशनल लुक नहीं देना चाहता? आप तो चाहते हैं ना !!!

सबसे पहले तो यह कोड देखिये जो आपको अपने ब्लॉग के HTML में लिखना है अपने ब्लॉग से नेविगेशन बार को हटाने के लिए |

 /* NavBar -------------------------- */
#navbar {
height: 0px;
visibility: hidden;
display: none;
}

इस कोड को सावधानी से नीचे दिए गए वीडियो के अनुसार अपने टेम्पलेट में लगा दीजिए, थोडा ध्यान से करियेगा और टेम्पलेट को सिर्फ तभी सहेंजे जब  आप पूरी तरह संतुष्ट हों |

मेरा यह प्रयास आपको कैसा लगा जरूर बताएं, और यदि आपको कोई समस्या है तो जरूर पूछें, आपके हर सवाल का जबाब इसी प्रकार के वीडियो बना कर दिया जायेगा |

मेरे वीडियो के बारे में सबसे पहले जानने के लिए मेरा यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

25 मार्च 2011

क्या आपने अपने ब्लॉग में "LinkWithin" विजेट लगाया ?

आपने कई ब्लॉग पर देखा होगा कि पोस्ट के साथ उसी ब्लॉग की दूसरी पोस्टें चित्र सहित दी गई होती हैं, क्या आप जानते हैं कि यह कार्य असल में एक विजेट की सहायता से किया जाता है जिसे LinkWithin या You Might Also Link विजेट कहते हैं |

इस विजेट को लगाने से आपके ब्लॉग की पोस्टों को पढ़े जाने की सम्भावना बढ़ जाती है, तो अपनी इस पोस्ट में मैं आपको यह विजेट अपने ब्लॉग में लगाने का तरीका बताऊँगा|

LinkWithin विजेट को अपने ब्लॉग में जोड़ने के लिए निम्न स्टेप का अनुपालन करें -

  1. अपने ब्लोगर अकाउंट में लोगिन कर लें
  2. इस लिंक पर जायें http://www.linkwithin.com 
  3. अपने ब्लॉग से सम्बंधित सभी जानकारी भर दें 
  4. Get Widget बटन पर क्लिक करें, आपको दूसरे पेज पर ले जाया जायेगा
  5. अब Install Widget पर क्लिक करें, आपका ब्लोगर डैशबोर्ड खुल कर आ जाएगा
  6. LinkWithin विजेट को ड्रैग करते हुए Blogpost विजेट के नीचे ले जाकर छोड़ दें, और सेव कर दें
अपना ब्लॉग देखिये, आपका कार्य संपन्न हो चुका है, अभी भी कोई समस्या है तो नीचे दिए गए वीडियो को ध्यान से देखें, पूरी विधि को सरल शब्दों में समझाने का प्रयत्न किया है|



अगले लेख में मैं बताऊँगा कि कैसे आप अपने ब्लोगर ब्लॉग से NavBar को हटा सकते हैं| यदि आप चाहें तो मेरा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर सकते हैं|

23 मार्च 2011

अब कोई ब्लोगर नहीं लगायेगा गलत टैग !!!

मेरी पिछली पोस्ट में मैंने व्यंग्य के माध्यम से ब्लोगिंग में टैग की महत्वता बताने का प्रयास किया था, और मुझे लगता है कि मैं काफी हद तक सफल भी हुआ हूँ क्यूंकि कई लोग सही टैग का प्रयोग करने लगे हैं |

आप में से कई लोगों ने सही टैग के प्रयोग के बारे में पूछा था, तो यह लीजिए आपके सवाल का जबाब, सबसे पहले बात करते हैं मुख्य श्रेणियों की,

मुख्य श्रेणी यानी कि पूरे चिट्ठे का ही वर्गीकरण यानी देख कर बताया जा सके कि यह पूरा का पूरा चिटठा ही किस वर्ग में आना चाहिए, मैंने कई न्यूज चैनल, ब्लॉग एग्रीगेटर, समाचार पत्र, पत्रिकाओं का विश्लेषण किया तथा इस नतीजे पर पहुंचा हूँ कि मुख्य श्रेणी निम्नलिखित हो सकतीं हैं

जीवन  शैली | मनोरंजन | तकनीकी | खेल | विज्ञान | विधि / न्याय | व्यापार | समाचार

अपना ब्लॉग लेखों के साथ-साथ उस लेख के साथ जुड़े टैग को भी खींच लेता है | अब तक अपना ब्लॉग पर लगभग 10000 टैग आ चुके हैं जो आप ब्लोगरों ने ही लिखे हैं, सभी टैग में से 2000 से कुछ ज्यादा टैग ऐसे हैं जो कि 1 से ज्यादा बार अलग-अलग ब्लोगरों ने अपने लेखो में प्रयोग किये हैं (आप उन टैग को यहाँ देख सकते हैं ) उन सभी टैग को मैंने इस श्रेणियों के अंतर्गत लगाने का प्रयत्न किया है, जिससे हिन्दी चिट्ठाजगत को भी एक नये मुकाम पर पहुँचाया जा सके | 

जीवन  शैली: वह चिट्ठे जो जीवन शैली से सम्बंधित विषयों पर लिखते हैं जैसे कि समाज, धर्म, रिश्ते, आध्यात्म, व्यक्ति, खान-पान, पार्टी, फैशन, सुंदरता, स्वास्थ्य, चर्चा तथा त्यौहार | इन सभी विषयों पर लिखे जा रहे चिट्ठों को जीवन -शैली के अंतर्गत रखा जाना चाहिए |

अगली श्रेणी जिसमे हमारे ब्लोगर सबसे ज्यादा लिखते हैं, वह है

मनोरंजन : ये वो चिट्ठे हैं जो समाज में "गुलाब"की स्थिती को मजबूती प्रदान करते हैं, इन चिट्ठों में खास तौर पर होलीवुड, टेलीविजन, फिल्म-समीक्षा, फ़िल्मी गीत, रंगमंच, गीत, गजल, शायरी, कविता, कहानी, हास्य, व्यंग्य चुटकुले तथा पहेली लिखे जाते हैं




ब्लोगरों के द्वारा लिखे गए सभी टैग को किसी बड़े समूह के अंदर रखने का प्रयत्न किया गया है जैसे कि यदि एक टैग है "मेरी कविता"तो उस टैग को "कविता" के अंदर रखा गया है, बेहतर होगा कि ऐसे मौकों पर ब्लोगर कम से कम एक मेजर टैग  (जो कि ऊपर दिए गए गुच्छों के अंदर छोटे फॉण्ट में लिखे गए हैं ) का प्रयोग जरूर करें |

कुछ  टैग सम्बंधित मेजर टैग के साथ नीचे दिए गए हैं, आगे से आप टैग बनाते समय अपने मन के जितने चाहें टैग लिखें पर कम से कम एक मेजर टैग (आपके लेख से सम्बंधित ही होना चाहिए) जरूर लिखें |

टैग: हिमाचल की कहानी             मेजर टैग: कहानी
टैग: दूसरी दुनियां की फिल्में       मेजर टैग: फिल्म, होलीवुड, फिल्म-समीक्षा इत्यादि

मेजर  टैग वो टैग हैं जो पाठक को ध्यान में रख कर बनाये गए हैं, जैसे कि यदि पाठक होलीवुड की फिल्म को खोजेगा तो वह दूसरी दुनिया की फिल्म नहीं लिखेगा बल्कि सीधा-सीधा होलीवुड खोजेगा |

जहाँ टैग आपके चिट्ठे को खूबसूरती प्रदान करेंगे (मैं आगे आने वाले लेख में बताऊँगा कि कैसे आप अपने चिट्ठे को टैगों के जरिये एक नया रंग-रूप दे सकते हैं ) वहीं मेजर टैग आपके लेख को सभी ब्लॉग संकलक तथा एग्रीगेटरों में ज्यादा पढ़े जाने लायक बनायेंगे, और आपका लेख पहले की अपेक्षा ज्यादा पढ़ा जायेगा | आपके लेख अभी सिर्फ एक दिन (जिस दिन आपने लिखा) ही पढ़े जाते हैं पर मेजर टैग का प्रयोग करने से आपके लेख बाद में भी पढ़े जाने लगेंगे |

नीचे जो श्रेणियाँ दी गयीं हैं वो सिर्फ दो-चार ब्लोगरों के भरोसे ही जिन्दा हैं, पर आगे आने वाले समय में इन चिट्ठों के बढ़ने की संभावना भी है, कम लिखे जाने की वजह से इन श्रेणियों के अंदर के ज्यादा टैग निश्चित नहीं हो पाए हैं, जो कुछ भी निश्चित हुए हैं वह नीचे दिए गए हैं

तकनीकी : वह चिट्ठे जो तकनीक, प्रौधोगिकी के किसी भी क्षेत्र में लिख रहे हैं इस श्रेणी के अंतर्गत आते हैं अभी तक इसके अंतर्गत सिर्फ चार श्रेणियाँ ही निर्धारित हो पायीं हैं वह श्रेणियाँ हैं गैजेट, टिप्स / ट्रिक्स, ब्लोगिंग तथा सोशल नेटवर्क

निम्न श्रेणियों के अंतर्गत लिखने वाले चिट्ठे भी बहुत कम हैं, अतः इसके अंतर्गत किसी भी श्रेणी का निर्धारण नहीं हो पाया है | यदि आप इनमे से किसी भी श्रेणी में लिखते हैं तो जरूर बताएं जिससे आपके चिट्ठे को "अपना ब्लॉग" में सम्मिलित किया जा सके तथा अपने लेखों में जो आपको उचित लगता है उस टैग का प्रयोग जरूर करें, जिससे इन श्रेणियों के टैग भी निश्चित किये जा सकें |

विज्ञान : कमेन्ट में कुछ मेजर टैग सुझाएँ तथा उनका प्रयोग अपने लेखों में करना शुरू कर दें |

व्यापार: दुखद है कि इसश्रेणी के अंतर्गत अभी तक कोई भी चिटठा सम्मिलित नहीं हुआ है, यदि आपका कोई मित्र है जो इस श्रेणी में चिटठा लिखता हो तो उसको "अपना ब्लॉग" के बारे में बताएं तथा चिटठा सम्मिलित करने के लिए कहें, जिससे मेजर टैग का निर्धारण किया जा सके

समाचार : समाचार के अंतर्गत देश, विदेश, क्षेत्रीय श्रेणी आती है, परन्तु इसमें भी मेजर टैग का अभाव है, आप सुझाएँ |
अपनी  अगले लेख को प्रकाशित करने से पहले ध्यान दें - 

  1. बिना उपयुक्त टैग के अपने लेख को प्रकाशित ना करें, सेव कर सकते हैं
  2. टैग बनाते समय यह ध्यान रखें कि आपके लेख को किस मेजर टैग के अंदर आना चाहिए, मेजर टैग वह टैग है जो पाठक या इंटरनेट यूजर खोजते हैं (उदहारण यूजर "मेरी कहानी" नहीं खोजेगा वह सिर्फ "कहानी" खोजेगा )
  3. आप कितने भी टैग का प्रयोग करें पर कम से कम एक मेजर टैग का प्रयोग जरूर करें, अन्यथा आपका लेख लाखों लेखों के बीच खो जायेगा और असली पाठक उस लेख नहीं नहीं पहुंचेगा |
  4. यदि टैग चुनने में परेशानी आ रही है तो इस लिंक पर जायें, यहाँ २००० टैग हैं, यहाँ आपको ऐसा टैग जरूर मिल जायेगा जो आपके लेख के लिए उपयुक्त हो |
अभी भी टैग से सम्बंधित कोई समस्या हो तो कमेन्ट में लिखें, मैं हिन्दी ब्लोगिंग की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हमेशा प्रयासरत हूँ और आपकी हर संभव मदद करूँगा|

19 मार्च 2011

कमेन्ट में लिंक कैसे जोड़ें?

क्या आप किसी ब्लॉग को पढकर उस पर कमेन्ट देना चाहते हैं ? और कमेन्ट लिखते समय आप उस कमेन्ट पर कोई लिंक देना चाहते हैं जैसे अपने किसी लेख का लिंक, यू-ट्यूब के किसी वीडियो का लिंक !! कैसे करे?

बहुत आसान है, आपको सिर्फ यह कोड कमेन्ट बॉक्स में लिखना है

<a href="लिंक"> शीर्षक </a>

लिंक के बारे में ध्यान रखने वाली बात : http:// जरूर लगा होना चाहिए, यह वह पता है जिस पर आप क्लिक करने वाले को भेजना चाहते हैं

शीर्षक: यह वह टेक्स्ट है जो सभी को दिखाई देगा और इस पर क्लिक किया जायेगा

जैसे को यदि मैं किसी को apnablog.co.in पर भेजना चाहता हूँ, और शीर्षक में "अपना ब्लॉग - हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर" तो लिखूंगा

<a href="http://www.apnablog.co.in/">अपना ब्लॉग - हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर</a>

है ना आसान - बाकी आप इस वीडियो में देख लीजिए -


यदि आप भी ब्लोगिंग से सम्बंधित कोई तकनीकी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो कमेन्ट में लिखिए आपके लिए इस प्रकार के वीडियो तैयार करना मेरी जिम्मेदारी :)

मेरा यू-ट्यूब  चैनल सब्सक्राइब कर लीजिए जिससे आपको आगे के सभी वीडियो की जानकारी तुरंत मिल जाए |

18 मार्च 2011

पाठकों पर अत्याचार ना करें ब्लोगर

एक पाठक की तरफ से आप सभी ब्लोगरों को मेरा प्रणाम,
प्रिय ब्लॉगर

मैं एक पाठक हूँ, मैं पढ़ना चाहता हूँ अच्छे लेख पढ़ना चाहता हूँ, आज से १०-१२ साल पहले में अखबार, पत्रिकाएं पढ़ा करता था पर आज इंटरनेट ने मुझे पढ़ने की इतनी सामग्री दी है कि मन प्रसन्न हो जाता है| मैं अपना पूरा दिन सिर्फ पढ़ने में व्यतीत करता हूँ सब कुछ पढता हूँ कुछ छोड़ता नहीं, मैं पढ़ने में इतना व्यस्त रहता हूँ कि कभी भी टिप्पणी नहीं कर पाता मुझे लगता है कि टिप्पणी करूँगा उतनी देर में एक लेख और पढ़ लूँगा, इसके लिए आप सभी से क्षमा चाहूँगा पर मुझे लगता है कि आप मेरे जैसे पाठकों के लिए ही लिखते हैं तो यकीन मानिए कि मैं भी आपको सर आँखों पर बिठा कर रखता हूँ मेरे टिप्पणी ना करने को मेरी मजबूरी मानिये और क्षमा कीजिये |

मुझे आप सभी ब्लोगरों से एक शिकायत है वही लेकर उपस्थित हुआ हूँ, उम्मीद है आप मेरी शिकायत दूर करेंगे| मैं हमेशा पढता रहता हूँ सभी लोग मेरे इस पढ़ने की प्रवृत्ति के कायल हैं मेरी पत्नी भी, पर आप लोगों की वजह से मुझे उसके सामने शर्मिंदा होना पड़ा जानते हैं कैसे, बताता हूँ -

होली के दिन चल रहे हैं और मेरी पत्नी कुछ खास बनाना चाहती है उसकी सास यानी मेरी माँ ने उसे कुछ खास बनाने के लिए कहा है, पर उसे कुछ नया बनाना नहीं आता पाक-कला में निपुण है पर जितने भी पकवान बनाना वह जानती है सभी बना चुकी है नया क्या बनाये यह सोच कर वह परेशान थी, उसने हमसफ़र होने के नाते मुझे अपनी इस परेशानी के बारे में बताया तो मैंने कहा यह तो बच्चों वाली समस्या है अभी समाधान कर देते हैं आखिर मेरे पढ़ना कब काम आएगा? मैंने तुरंत ब्लॉग पर सर्च किया "खाना-खजाना" पर अफ़सोस सिर्फ कुछ ही ब्लॉग मेरे सामने आये इतने बर्षों में पढते-पढते मैंने ना जाने कितने ही अच्छे पकवानों के बारे में पढ़ा था जो कि हमारी ब्लॉगर बहनों ने लिखे थे पर वो सभी सर्च में नहीं थे, मुझे लगा जैसे कोई खजाना मेरे हाथ से चला गया है | मैंने तुरंत "हमारी वाणी", "ब्लोगप्रहरी", "अपना ब्लॉग" पर रुख किया संयोग से "अपना ब्लॉग" पर "जीवन शैली -> खान-पान" मिला पर उस पर क्लिक करते ही जैसे मेरे ऊपर बिजली गिरी, कुछ नहीं था वहाँ पर सिर्फ एक लेख था और वह मेरे काम का नहीं, मेरी पत्नी मेरी पढ़ने की प्रवृत्ति को ताना देती हुई चली गयी और मैं मुंह लटका कर बैठा हूँ, शांत, अपमानित, खुद को कोसता हुआ, ब्लॉगरों पर गुस्सा बहुत आ रहा है पर आप हैं तभी मैं हूँ, आप से ही मेरा अस्तित्व है सो खुल कर आप पर गुस्सा नहीं निकाल सकता, इसलिए एक छोटी से बात आप सभी ब्लोगरों को बताना चाहता हूँ

आप इनता बड़ा ब्लॉग लिखते हैं क्या उसमे छोटा सा सही टैग नहीं लिख सकते ? आखिर हमारी बहनों ने इतने अच्छे पकवानों को बनाने की विधि सिर्फ उन ब्लोगरों के लिए लिखी थी जो उस लेख पर कमेन्ट तो देंगे पर वह पकवान बना कर नहीं देखेंगे ? मेरे जैसे सच्चे पाठकों के लिए आप कुछ नहीं लिखते ? आखिर पढता तो सिर्फ मैं ही हूँ कितने टिप्पणीकारों ने आपके लेख को ठीक से पढ़ा होगा ? आज मुझे जरूरत है तो वही लेख मुझे नहीं मिल रहे आप लोगो की लापरवाही के कारण |

मेरे ज्ञान चक्षु खुल चुके हैं, अब मैं आप लोगों के भरोसे नहीं रहने वाला आप मेरे लिए लिखते ही नहीं तो मैं क्यूँ आप के लिखे को पढूं ? अपनी वेइज्जती करवाने के लिए ? क्या बिगड जाता आप लोगों का जो सही टैग (लेबल) लगा देते अपने लेखों को तो ?

फिर मैंने देखा कि जीवन-शैली -> त्यौहार में क्या सभी त्यौहारों के लेख आ रहे हैं? वहाँ भी नहीं थे इक्का दुक्का लेखों को छोड़ कर, पिछले ६-७ दिनों से मैंने होली के कितने लेख पढ़े पर वो सब खो गए एक भी नहीं है सही जगह |  जीवनशैली -> चर्चा में भी कुछ नहीं था, जबकि इतनी चर्चा "ब्लॉग-वार्ता" और ना जाने क्या क्या चलता ही रहता है |
कविता, आहाहा मैं कितनी अच्छी कविताये रोज पढता हूँ, पर जब मनोरंजन -> कविता में गया तो वहाँ बहुत कम कवितायेँ थीं सिर्फ कुछ ही अच्छे लेखक मेरा ध्यान रख रहे हैं उनमे एक रविरतलामी जी प्रमुख हैं मैंने देखा कि उन्होंने अपने ब्लॉग पर टैग के बारे में काफी कुछ लिखा है और अपने सभी लेखों में सही टैग का प्रयोग कर रहे हैं, पर अफ़सोस कि वो व्यंजन के बारे में नहीं लिखते :(

आप सभी को मेरा अपमान कराने के लिए शुक्रिया!! जो शादी के इतने साल तक नहीं हुआ वह आज हो गया,

फिर भी मैं आपका सम्मान करता हूँ , आप की लेखकों की वजह से ही पाठकों का वजूद है पर पाठकों पर अत्याचार करना बंद कीजिये और अपने लेखों में सही टैग का प्रयोग कीजिये, कुछ टैग मैं आपको यहाँ दे रहा हूँ जो "अपना ब्लॉग" ने उपलब्ध कराये हैं और हो सकता है भविष्य में "हमारी वाणी" तथा "ब्लोगप्रहरी" भी इनका उपयोग करने लगे

खेल के अंतर्गत -
जीवन शैली के अंतर्गत - समाज, रिश्ते, आध्यात्मिक, व्यक्ति, खान-पान, पार्टी, फैशन, सुंदरता, स्वास्थ्य, चर्चा, त्यौहार
मनोरंजन के अंतर्गत- हॉलीवुड, टेलीविजन, फिल्म समीक्षा, फ़िल्मी गीत, रंगमंच, गीत, गजल, शायरी, कविता, कहानी, कार्टून, हास्य, पहेली
तकनीकी के अंतर्गत - गैजेट, टिप्स/ट्रिक्स, सोशल नेटवर्क
विज्ञान -
विधि/न्याय -
समाचार -
व्यापार -

प्लीज प्लीज प्लीज आगे से सही टैग का प्रयोग कीजिये, मान लीजिए कि आपने होली के किसी खास पकवान के बारे में एक लेख लिखा है तो उस लेख में "त्यौहार, होली, पकवान, व्यंजन, खाल-पान, हिंदू-त्यौहार"  इन टैग का प्रयोग कीजिए यकीन मानिए मेरे जैसे सच्चे पाठकों को इससे बहुत फायदा होगा और आपको दुआएं मिलेंगीं

गुस्से मैं यदि कुछ ज्यादा कह दिया तो क्षमा प्रार्थी हूँ

आपका पाठक

12 मार्च 2011

फीड से सम्बंधित एक और समस्या और उसका समाधान

यह समस्या मैंने पहली बार देखी तो सोचा कि आप सभी से साझा किया जाए, हुआ ये कि "अपना ब्लॉग" पर कार्य कर रहा था, गिरिजेश राव जी ऑनलाइन दिखे तो उनसे चैट प्रारंभ कर दी, उन्होंने यह समस्या सामने रख दी,

समस्या थी कि उनके ब्लॉग की नई पोस्ट "अपना ब्लॉग" पर नहीं आ रहीं थीं, क्यूंकि "अपना ब्लॉग" पर मैंने कार्य किया है सो मुझे पता है कि ब्लागस्पाट की पोस्ट सिर्फ तब ही नहीं दिखाई देगी जब उसकी फीड में कोई समस्या हो , सो मैंने उनके ब्लॉग "चलते-चलते" की फीड जाँची, तो पता चला कि उन्होंने अपने ब्लॉग की फीड को फीड-बर्नर से बर्न किया हुआ था और फीडबर्नर ने 22/oct/2010 के बाद लिखी गयी किसी पोस्ट को अपडेट नहीं किया था, इतना तो तुरंत साफ़ हो गया कि समस्या फीडबर्नर की तरफ से है सो मैंने गिरिजेश राव जी से फीडबर्नर को जांचने के लिए कहा, पर वे फीडबर्नर से पूरी तरह अनजान थे, सो मैंने उनसे पासवर्ड की डिमांड की, पासवर्ड मिलने पर मैंने उनकी समस्या कैसे सुलझाई वह आपके सामने लिख रहा हूँ, उम्मीद है आपको फायदा होगा :)

step1: http://feeds.feedburner.com पर जायें
step 2: सम्बंधित फीड का चुनाव करें ("गिरिजेश राव" जी की फीड के लिए मैंने "चलते-चलते" को चुना)
step 3: edit feed details पर क्लिक करें (तीन टेक्स्ट बॉक्स खुल जायेंगे)
step 4: पहले टेक्स्ट बॉक्स में इस फीड का टाइटल होगा, इसको ऐसे ही छोड़ दें
step 5: दूसरे टेक्स्ट बॉक्स में असली फीड का पता भरा जाता है

ब्लागस्पाट के केस में यह http://<आपका ब्लॉग पता>/feeds/posts/default होता है जैसे कि मेरे इस ब्लॉग की फीड का पता http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default है,

इसको भरने के बाद (पहले से ही भरा हुआ था ) जब [Save Feed Details] बटन पर क्लिक किया तो निम्नलिखित मैसेज आया :

फीडबर्नर आपकी फीड को बर्न नहीं कर सकता क्यूंकि आपकी फीड का साइज 512K से ज्यादा है (जाहिर है मैसेज इंग्लिश में था)

फीड का साइज 512K पहुँचने की सम्भावना बहुत कम होती है, पर ऐसा किन स्थितियों में हो सकता है इस पर एक नजर डालते हैं -

1. यदि आप फीड में बहुत ज्यादा लेखों को सम्मिलित करते हैं तो,
2. यदि आप फीड में पूरे-पूरे लेख सम्मिलित करते हैं तो
3. यदि आप अपनी लेख में व्यर्थ की HTML का प्रयोग बहुत ज्यादा करते हैं तो (हालांकि इससे यह समस्या आने की सम्भावना उतनी नहीं है जितनी कि ऊपर के दोनों कारणों से )

यदि कारण 1 है तो तरीका बहुत आसान है,

दूसरे टेक्स्ट बॉक्स जिसमे असली फीड का पता भरा जाता है ( ऊपर step 5 देखें ) में फीड के पते के साथ "?max-results=3" भी जोड़ दें, जैसे कि यदि मेरे ब्लॉग में यह समस्या होती है तो समाधान के लिए मैं इस टेक्स्ट बॉक्स में
http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default के स्थान पर
http://yogendra-soft.blogspot.com/feeds/posts/default?max-results=3 लिखूंगा

ध्यान दें आप बाद की संख्या को बदल भी सकते हैं वैसे 10 ठीक रहता है, सामान्यतः ब्लोगर इसकी संख्या को 25 रखते हैं जो बहुत ज्यादा है, यह संख्या दिखाती है कि आप अपने कितने लेखों को इस फीड में शामिल करना चाहते हैं ?

यदि कारण 2 है तो भी आसान तरीका है,

अपने ब्लॉग की सेटिंग्स-> साइट फीड  में  जायें

ब्लोग्स फीड को अनुमति दें में "छोटा" विकल्प को चुनें

और [सेटिंग्स सहेंजें] बटन पर क्लिक करें

यह सेटिंग वैसे भी उपयोगी है, अधिकतर ब्लोगर की शिकायत रहती है कि "ब्लॉग एग्रीगेटर" उनकी पूरे लेख को दिखाते हैं जो कि गलत है | असल में ब्लॉग एग्रीगेटर फीड पर निर्भर रहते हैं यदि आपने पूरी पोस्ट को ही फीड में दिखा दिया तो ब्लॉग एग्रीगेटर कुछ नहीं कर सकता उसको आपकी फीड से जो कुछ मिलेगा वह उसको वैसा का वैसा दिखा देगा |

आपको और अधिक जानकारी इस लिंक पर मिल सकती है

उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही होगी | आपके कमेन्ट हौसला बढ़ाने का कार्य करते हैं, यदि दे सकते हैं तो जरूर दीजिए, नहीं भी देंगे तो भी आपको जानकारियां मिलती रहेंगी :)

आप भी ब्लोगिंग से सम्बंधित प्रश्न पूछ सकते हैं अपने तकनीकी प्रश्न "अपना ब्लॉग फोरम पर पूछें, मेरी कोशिश रहेगी कि आपके सभी प्रश्नों का समाधान कर सकूं

13 फ़रवरी 2011

ऑडियो पोस्ट: टूलबार तथा ब्लॉगर

यह एक ऑडियो पोस्ट है, नीचे दिए गए प्लेयर को प्ले कीजिये इसमें मैंने एक महत्वपूर्ण बिषय जो कि तकनीकी जानकारी ना/कम रखने वाले ब्लोगरों के लिए है, पर अपने विचारों को व्यक्त किया है- उम्मीद है कि ब्लोगरों को इससे लाभ होगा, यदि आपका कोई सवाल है तो आप यहाँ लिख सकते हैं, मैं कोशिश करूँगा आपकी समस्याओं का समाधान करने का|



इस ऑडियो को यहाँ से डाउनलोड करें

इस ऑडियो से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण लिंक:

सुशील जी का प्रश्न ऑर उसका उत्तर यहाँ देखें, मेरे ब्लागस्पाट.कॉम ब्लॉग नहीं खुल रहे हैं

अपने ब्लोगिंग से सम्बंधित सवाल यहाँ पूछें: अपना ब्लॉग़-ब्लोगिंग फोरम

सुशील जी का ब्लोगर प्रोफाइल

18 नवंबर 2010

गंभीर समस्या: कृपया अपना मत रखें

मैंने chitthagat.in पर देखा कि 
  1. खेल वर्ग पर आने वाले लेख 500 से भी ज्यादा बार पढ़े जा रहे है |
  2. तकनीकी, घरबार तथा सेहत के लेखों पर औसतन 80-90 क्लिक होते हैं, जो धुरंधर लिक्खड़ हैं उनके लेखों पर 100 से ज्यादा क्लिक होना मामूली बात है, कमेन्ट के बारे मे तो ना ही कहा जाये तो बेहतर है कमेन्ट मे तो इस हाथ ले उस दे दे बाली बात है |
  3. इलाकाई, मस्ती के हालात तो थोड़े बहुत ठीक हैं |
  4. पर बाकी वर्गों मे जैसे कि कला, समाज, समाचार, धंधा, विज्ञान, सन्दर्भ, खरीदारी के हालात बदतर है | इन लेखों को पढ़ा नहीं जा रहा है, ना कोई कमेन्ट ना क्लिक ना किसी तरह का प्रोत्साहन |
इस तरह तो हम हिन्दी ब्लोगिंग मे पीछे ही रह जायेंगे, यदि आपके पास इस समस्या का कोई हल हो तो सुझाएँ, जिससे कुछ किया जा सके

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...